नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। भारत मंगलवार को नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग, जापान के विदेश मंत्री और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का स्वागत करेंगे। बैठक में क्वाड स्ट्रक्चर के तहत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, नई तकनीक, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और पश्चिम एशिया व यूक्रेन की स्थिति जैसे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
आधिकारिक बयान में कहा गया, ”फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक के क्वाड विजन के तहत मंत्री 1 जुलाई 2025 को वाशिंगटन डीसी में हुई चर्चा को आगे बढ़ाएंगे। वे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्वाड सहयोग बढ़ाने, चल रही पहलों की प्रगति की समीक्षा करने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र व अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार साझा करेंगे।”
बैठक में समुद्री सुरक्षा, मजबूत सप्लाई चेन, बुनियादी ढांचा विकास, महत्वपूर्ण और नई तकनीक, जलवायु कार्रवाई और मानवीय सहायता व आपदा राहत जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा, क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए चल रही क्वाड पहलों की भी समीक्षा की जाएगी।
भारत दौरे के दौरान ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री तथा अमेरिकी विदेश मंत्री के एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की भी संभावना है।
इससे पहले सोमवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को होने वाली क्वाड बैठक से पहले जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत और जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ के साझा विजन पर आधारित है।
बैठक के दौरान एस. जयशंकर ने कहा, ”भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है। हमारे संबंधों का बड़ा महत्व और व्यापक प्रभाव है। इसका एक उदाहरण मंगलवार को होने वाली क्वाड बैठक होगी, जहां हम फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।”
नई दिल्ली दौरे के दौरान जापान के विदेश मंत्री मंगलवार को अन्य मंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
यह क्वाड बैठक ऐसे समय में हो रही है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की भू-राजनीतिक स्थिति लगातार बदल रही है और सदस्य देश साझा क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्वाड देश आर्थिक सुरक्षा और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने के लिए कुछ नए कदमों की घोषणा कर सकते हैं।
इससे पहले रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि भारत और अमेरिका कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर रणनीतिक रूप से एकजुट हैं। इनमें महत्वपूर्ण खनिज, सप्लाई चेन और आतंकवाद जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने भारत को अमेरिका का ”दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारों में से एक” बताया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों ने वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क के कारण नुकसान झेला है। उन्होंने कहा कि दोनों लोकतांत्रिक देश होने के नाते जनता के प्रति जवाबदेही और पारदर्शिता के महत्व को समझते हैं।
रुबियो ने कहा, ”मुझे अमेरिका की जनता को हर फैसले का कारण बताना पड़ता है कि वह हमारे देश के लिए क्यों अच्छा है और राष्ट्रपति को भी ऐसा करना पड़ता है। इसी तरह भारत में भी नेताओं को जनता को बताना पड़ता है कि अमेरिका के साथ साझेदारी या किसी भी मुद्दे पर उनका रुख देश के हित में क्यों है। मुझे लगता है कि यह दुनिया के हर देश में कुछ हद तक सही है, लेकिन लोकतांत्रिक देशों में यह और ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।”
–आईएएनएस
एएमटी/एएस
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



