अमेरिका जाने के ‘डंकी रूट’ में इथियोपिया में लापता गुजरात के तीन लोग भारत लौटे

Summary :

मेहसाणा, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका पहुंचने के लिए कथित अवैध प्रवासी मार्ग का इस्तेमाल करने के दौरान इथियोपिया में लापता हुए गुजरात के तीन निवासी भारत लौट आए हैं। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि रुत्विक जंसारी, ममता चावड़ा और मयूरी मुंबई पहुंच चुके हैं और अपने गृह जिले मेहसाणा के लिए रवाना हो गए हैं। लांघणज पुलिस इंस्पेक्टर अंकुश गेहलोत ने आईएएनएस को बताया कि तीनों आज तड़के करीब 3 बजे विदेश मंत्रालय और स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद वे मेहसाणा के लिए रवाना हो गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीनों के कथित…

मेहसाणा, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका पहुंचने के लिए कथित अवैध प्रवासी मार्ग का इस्तेमाल करने के दौरान इथियोपिया में लापता हुए गुजरात के तीन निवासी भारत लौट आए हैं। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि रुत्विक जंसारी, ममता चावड़ा और मयूरी मुंबई पहुंच चुके हैं और अपने गृह जिले मेहसाणा के लिए रवाना हो गए हैं।

लांघणज पुलिस इंस्पेक्टर अंकुश गेहलोत ने आईएएनएस को बताया कि तीनों आज तड़के करीब 3 बजे विदेश मंत्रालय और स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद वे मेहसाणा के लिए रवाना हो गए।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीनों के कथित अपहरणकर्ताओं के तार ‘बाबा खान नेटवर्क’ से जुड़े होने की बात सामने आई है, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है।

गेहलोत ने कहा, “कथित अपहरणकर्ताओं के बाबा खान नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली है। मामले की फिलहाल जांच की जा रही है।”

पुलिस के मुताबिक, तीनों ने 20 सितंबर को गुजरात से अपनी यात्रा शुरू की थी। अमेरिका पहुंचाने के लिए कथित एजेंटों को प्रति व्यक्ति लाखों रुपये दिए गए थे। तीनों जयपुर और अबू धाबी होते हुए इथियोपिया पहुंचे थे। 22 सितंबर के बाद परिजनों का उनसे संपर्क टूट गया था।

इसके बाद ममता चावड़ा के पिता किरीट चौहान ने लांघणज पुलिस से संपर्क किया था। शिकायत के अनुसार, ममता के पति चिरागकुमार करीब छह महीने पहले स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका गए थे।

ममता ने कथित तौर पर अमेरिका का वीजा हासिल करने के लिए छह बार प्रयास किया था, लेकिन हर बार असफल रही। इसके बाद परिवार ने कथित तौर पर अवैध रास्ते से अमेरिका भेजने के लिए बिचौलियों से संपर्क किया।

गेहलोत के अनुसार, परिवार ने शुरुआत में जितुभाई नाम के एक व्यक्ति से संपर्क किया था। उसने मेहसाणा के एजेंट अल्पेश पटेल से संपर्क कराया। अल्पेश ने इसके बाद उन्हें वडोदरा के भार्गव पटेल से मिलवाया।

पुलिस के मुताबिक, तीनों को अमेरिका पहुंचाने के लिए कथित तौर पर प्रति व्यक्ति करीब 75 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। हालांकि, इससे पहले परिवार के सदस्यों ने मीडिया को बताया था कि उन्होंने एजेंटों को प्रति व्यक्ति करीब 70 लाख रुपये दिए थे।

इथियोपिया पहुंचने के बाद खुद को ‘खान’ बताने वाले एक व्यक्ति ने कथित तौर पर परिवार से संपर्क किया और तीनों की रिहाई के बदले एक करोड़ रुपये की मांग की।

रुत्विक के दादा कानुभाई जंसारी ने दावा किया था कि तीनों को कथित तौर पर बंधक बनाए जाने के बाद 60 लाख रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन इसके बावजूद एक करोड़ रुपये की मांग जारी रही।

इसके बाद परिवारों ने तीनों की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। अब तीनों के भारत लौटने के बाद पुलिस कथित अपहरण, फिरौती की मांग और उनकी यात्रा की व्यवस्था करने वाले एजेंटों की भूमिका की जांच कर रही है।

अमेरिका पहुंचने के लिए अवैध प्रवासी मार्गों का इस्तेमाल करने से जुड़े गुजरात के लोगों के मामलों में यह नया मामला है। जनवरी 2022 में गांधीनगर जिले के डिंगुचा गांव का एक परिवार कनाडा से अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान कड़ाके की ठंड में जमकर मर गया था। 2023 में मेहसाणा का एक परिवार इसी तरह की कोशिश के दौरान सेंट लॉरेंस नदी में डूब गया था।

मई 2025 में मेहसाणा का एक परिवार उस नाव में सवार था, जो मेक्सिको के रास्ते अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान कैलिफोर्निया तट के पास पलट गई थी।

–आईएएनएस

डीएससी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.