ईरान में अमेरिका के सैनिक तैनात होंगे या नहीं, ट्रंप की चुप्पी से मीडिया परेशान

Summary :

वॉशिंगटन, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लेकर लगातार अपने पुराने दावों को दोहरा रहे हैं। इसे लेकर अब अमेरिकी मीडिया में भी असंतोष देखने को मिल रहा है। अपन प्राइम-टाइम भाषण में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ लड़ाई पूरी होने वाली है, लेकिन उन्होंने रणनीति, लड़ाई को बढ़ाने और लड़ाई के अंत को लेकर जरूरी सवालों के जवाब नहीं दिए। अमेरिकी मीडिया ने ईरान को लेकर ट्रंप की रणनीति पर गहरी निराशा जाहिर की। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने इस बारे में कोई साफ बात नहीं कही कि ईरान में जमीनी…

वॉशिंगटन, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लेकर लगातार अपने पुराने दावों को दोहरा रहे हैं। इसे लेकर अब अमेरिकी मीडिया में भी असंतोष देखने को मिल रहा है। अपन प्राइम-टाइम भाषण में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ लड़ाई पूरी होने वाली है, लेकिन उन्होंने रणनीति, लड़ाई को बढ़ाने और लड़ाई के अंत को लेकर जरूरी सवालों के जवाब नहीं दिए। अमेरिकी मीडिया ने ईरान को लेकर ट्रंप की रणनीति पर गहरी निराशा जाहिर की।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने इस बारे में कोई साफ बात नहीं कही कि ईरान में जमीनी स्तर पर अमेरिका के सैनिक तैनात किए जाएंगे या नहीं।

द न्यूयॉर्क टाइम्स और द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में बताया गया कि ट्रंप ने किसी भी डिप्लोमैटिक रास्ते या बाहर निकलने की रणनीति के बारे में बताने से भी परहेज किया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई दो से तीन हफ्ते और चल सकती है।

ट्रंप ने रणनीतिक होर्मुज स्ट्रेट का थोड़ा सा जिक्र किया और कहा कि दूसरे देशों को, खासकर जो मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर हैं, इसे फिर से खोलने के लिए आगे आना चाहिए। हम मदद करेंगे लड़ाई खत्म होने के बाद पानी का रास्ता अपने आप खुल जाएगा।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि ट्रंप ने इस इलाके में सैन्य ऑपरेशन के मिले-जुले नेचर के बावजूद, इजरायल समेत खास साथियों की भूमिका के बारे में विस्तार से नहीं बताया। न ही उन्होंने नाटो साझेदारों के साथ सहयोग पर बात की, जबकि रिपोर्ट्स में गठबंधन के समर्थन को लेकर पहले के तनाव का संकेत मिला।

द वॉशिंगटन पोस्ट के लाइव कवरेज के मुताबिक, ईरान के राजनीतिक भविष्य को लेकर ट्रंप ने कहा कि सत्ता परिवर्तन अमेरिका का मकसद नहीं था। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि ट्रंप के संबोधन में ईरान के उभरते लीडरशिप स्ट्रक्चर या मोजतबा खामेनेई जैसे लोगों का जिक्र नहीं था। अमेरिकी मीडिया ने ईरान में वरिष्ठ अधिकारियों की मौत के बाद मोजतबा को एक खास पावर सेंटर के तौर पर पहचाना गया है।

ट्रंप ने इस बारे में भी कुछ नहीं कहा कि क्या अमेरिका ईरान के न्यूक्लियर मैटीरियल को सुरक्षित करने की कोशिश करेगा, जबकि द न्यूयॉर्क टाइम्स के विश्लेषण के मुताबिक, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जमीन के नीचे दबे संवर्धित यूरेनियम को निकालने के लिए रिस्की ग्राउंड ऑपरेशन करने होंगे।

हालांकि ट्रंप ने इस दावे को दोहराया कि ईरान की सैन्य क्षमता में बहुत ज्यादा कमी आई है, लेकिन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि तेहरान पूरे इलाके में मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है।

अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने बताया कि ट्रंप ने अपने संबोधन में ज्यादातर मौजूदा बातों को ही दोहराया गया, सैन्य या डिप्लोमैटिक मोर्चों पर कोई नई घोषणा नहीं की गई।

रिपोर्ट्स में बताए गए विश्लेषक ने कहा कि जमीनी कार्रवाई, होर्मुज सुरक्षा और युद्ध के बाद के गवर्नेंस पर खास जानकारी न होने से लड़ाई के अगले चरण के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है।

युद्ध अब अपने दूसरे महीने में है, बढ़ते खतरों, इलाके की स्थिरता और मिडिल ईस्ट में अमेरिका की लंबे समय की रणनीति पर सवाल उठा रहा है।

–आईएएनएस

केके/वीसी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.