नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। भारत ने बुधवार को ओमान के तट पर भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी कर रहा कि ऐसे हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
एमईए के आधिकारिक बयान अनुसार, बुधवार (13 मई) को ओमान के तट पर भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुआ हमला किसी भी हालत में मंजूर नहीं है। हम इस बात की निंदा करते हैं कि व्यावसायिक जहाजों और आम नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीय चालक दल के सुरक्षित होने की पुष्टि करते हुए ओमानी अधिकारियों का आभार जताया। लिखा कि जहाज पर सवार भारतीय क्रू सुरक्षित हैं और हम उन्हें बचाने के लिए ओमानी अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।
अंत में एक बार फिर इस कृत्य की आलोचना करते हुए कहा गया कि भारत फिर से कहता है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाने और बेगुनाह आम क्रू सदस्यों को खतरे में डालने, या किसी और तरह से नौवहन और कॉमर्स की आजादी में रुकावट डालने से बचने की जरूरत है।
ईरान जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात का एक और मालवाहक जहाज डूब गया। ‘हाजी अली’ नाम का जहाज 13 मई की सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उससे कोई ड्रोन या मिसाइल जैसा हथियार टकरा गया।
हादसे के बाद जहाज में आग लग गई, हालांकि ओमान कोस्टगार्ड ने सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया।
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 मई की सुबह गुजरात के द्वारका निवासी और जहाज मालिक सुलतान अहमद अंसार के एमएसवी हाजी अली जहाज पानी में डूब गया। यह जहाज बेरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा था। सुबह करीब 3:30 बजे ओमान के समुद्री तट के पास जहाज हादसे का शिकार हुआ।
चालक दल ने बाद में बताया कि जहाज से किसी विस्फोटक जैसी चीज के टकराने की आवाज सुनाई दी थी। इसके बाद जहाज में आग लग गई। हालात बिगड़ते देख 14 क्रू मेंबर्स ने लाइफ बोट पहनी और जहाज छोड़ा। इस दौरान ओमानी अधिकारियों ने आगे बढ़कर भारतीय दल की मदद की।
–आईएएनएस
केआर/
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