वाशिंगटन, 28 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका में विदेशी महिलाओं को मातृत्व सेवाएं बेचने वाले ‘बर्थ टूरिज्म’ बिजनेस की अब कांग्रेस जांच करेगी। इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताओं का हवाला दिया गया है, खासकर चीन और रूस से आने वाले यात्रियों को लेकर। इस मामले में फ्लोरिडा की एक कंपनी के अधिकारी को समन भी जारी किया गया है।
टेक्सास से रिपब्लिकन काग्रेसमैन ब्रैंडन गिल ने घोषणा की कि उनके नेतृत्व वाली हाउस ओवरसाइट कमेटी की टास्क फोर्स 1 सितंबर को ‘अमेरिकी नागरिकता की रक्षा: बर्थ टूरिज्म का सामना’ नाम से सुनवाई करेगी।
इस सुनवाई में अमेरिका में ‘बर्थ-टूरिज्म’ की व्यवस्थाओं और विदेशों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए खास तौर पर ‘मैटर्निटी पैकेज’ का प्रचार करने वाली कंपनियों के चलन की जांच की जाएगी।
ऐसी व्यवस्थाओं के तहत विदेशी महिलाएं अमेरिका में बच्चे को जन्म देती हैं, जहां उनके बच्चों को आमतौर पर अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है।
कमेटी ने कहा कि सदस्य इस बात की जांच करेंगे कि क्या कंपनियां जन्मसिद्ध नागरिकता का गलत फायदा उठा रही हैं और अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का दुरुपयोग कर रही हैं। वे राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिकी संप्रभुता के लिए खतरे के रूप में देखे जा रहे मुद्दों की भी जांच करेंगे।
ब्रैंडन गिल ने कहा, “बर्थ टूरिज्म हर अमेरिकी नागरिक के लिए परेशान करने वाला होना चाहिए। यह कानून के शासन को कमजोर करता है, अमेरिकी नागरिकता की कीमत घटाता है और एक राष्ट्र के रूप में हमारी संप्रभुता को कमजोर करता है।”
रिपब्लिकन काग्रेसमैन ने कहा कि यह इंडस्ट्री विदेशी नागरिकों को अमेरिकी नागरिकता बेचती है जो खास तौर पर बच्चे को जन्म देने के लिए अमेरिका आते हैं।
ब्रैंडन गिल ने चीन और रूस जैसे अमेरिका के विरोधी माने जाने वाले देशों से आने वाली महिलाओं को लेकर खास चिंता जताई। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स इस बिजनेस से मुनाफा कमाने वाली कंपनियों से जवाब मांगेगी और कांग्रेस की संभावित कार्रवाई पर विचार करेगी।
कमेटी की घोषणा में यह आंकड़ा नहीं दिया गया कि हर साल कितनी महिलाएं इस मकसद से आती हैं या उनमें से कितनी चीन और रूस से आती हैं।
पैनल ने बुधवार को मियामी मेडिकल कॉन्सियर्ज सर्विसेज के संस्थापक और चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. व्लादिमीर लॉरेंट्ज को समन जारी किया है, जो ‘हैव माई बेबी इन मियामी’ के नाम से बिजनेस करते हैं। समन के तहत लॉरेंट्ज को 1 सितंबर को वाशिंगटन में टास्क फोर्स की सुनवाई में गवाही देनी होगी।
कमेटी ने बर्थ टूरिज्म से मुनाफा कमाने वाले बिजनेस की पहले की जांच के तहत 14 मई को लॉरेंट्ज़ को पत्र लिखा था। इसमें कंपनी की मार्केटिंग, विज्ञापन, सर्विस एग्रीमेंट और मेडिकल-टूरिज्म पैकेज के बारे में दस्तावेज और जानकारी मांगी गई थी।
इंटरनेशनल मैटरनिटी सर्विसेज के मेडिकल डायरेक्टर और मालिक डॉ. जूलियो सीजर नोवोआ को भी इसी तरह की जानकारी मांगते हुए अलग पत्र भेजा गया था। नोवोआ को भी सुनवाई में गवाही के लिए बुलाया गया है। कमेटी की घोषणा में लॉरेंट्ज, नोवोआ या उनकी कंपनियों की तरफ से आरोपों और अनुरोधों पर कोई जवाब शामिल नहीं था।
सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज के रिसर्च डायरेक्टर डॉ. स्टीवन कैमरोटा भी गवाह के तौर पर पेश होंगे। पैनल ने कहा कि उसकी जांच में मैटरनिटी-सर्विस कंपनियों के कमर्शियल ऑपरेशन और बर्थ टूरिज्म से जुड़े बड़े इमिग्रेशन और राष्ट्रीय सुरक्षा सवालों दोनों की जांच होगी।
14वें संशोधन का सिटिजनशिप क्लॉज कहता है कि अमेरिका में जन्मे या प्राकृतिक रूप से नागरिक बने लोग और उसके अधिकार क्षेत्र के अधीन लोग अमेरिका और उस राज्य के नागरिक हैं जहां वे रहते हैं। यह 150 साल से ज्यादा समय से जन्मसिद्ध नागरिकता का संवैधानिक आधार रहा है।
बर्थ टूरिज्म अपने आप में कोई अलग संघीय अपराध नहीं है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने कमर्शियल मैटरनिटी योजनाओं से जुड़े वीजा धोखाधड़ी, झूठे बयान, टैक्स उल्लंघन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में ऑपरेटरों और ग्राहकों पर मुकदमा चलाया है।
–आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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