सियोल, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के उपग्रहों के ज़रिए उत्तर कोरिया से जुड़ी तकनीक के बारे में जुटाई गई खुफिया जानकारी तक पहुंच को आंशिक रूप से सीमित कर दिया है। यह कदम एक विवाद के बाद उठाया गया है, जो एकीकरण मंत्री द्वारा उत्तर कोरिया की परमाणु सुविधा से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक किए जाने के बाद खड़ा हुआ था।
एक सूत्र के अनुसार, चूंकि सहयोगी देश आमतौर पर उत्तर कोरिया की निगरानी से जुड़ी जानकारी जैसे कि मिसाइल लॉन्च गतिविधियां आपस में साझा करते रहे हैं, इसलिए दक्षिण कोरियाई सेना को अपनी तत्परता बनाए रखने में कोई समस्या नहीं है।
वॉशिंगटन ने यह कदम तब उठाया, जब पिछले महीने संसद के एक सत्र के दौरान एकीकरण (यूनिफिकेशन) मंत्री चुंग डोंग-यंग ने उत्तर कोरिया के कुसोंग क्षेत्र का जिक्र करते हुए बताया था कि यह उन जगहों में से एक है, जहां देश की यूरेनियम संवर्धन सुविधा मौजूद है। उत्तर कोरिया से जुड़ी जानकारी का इस तरह सार्वजनिक रूप से खुलासा किया जाना एक दुर्लभ घटना थी।
एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा, “यह सच है कि इस महीने की शुरुआत से ही अमेरिका ने उपग्रहों के ज़रिए जुटाई गई उत्तर कोरियाई खुफिया जानकारी के कुछ हिस्सों को साझा करने पर रोक लगा दी है। खुफिया जानकारी साझा करने पर लगाई गई यह रोक उत्तर कोरिया की तकनीक के कुछ हिस्सों से जुड़ी जानकारी से संबंधित है।”
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने प्रतिबंधित जानकारी के बारे में कोई विवरण नहीं दिया लेकिन माना जा रहा है कि यह जानकारी उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों से संबंधित है।
अधिकारी ने कहा कि अमेरिका के इस कदम से दक्षिण कोरियाई सेना की तत्परता पर कोई असर नहीं पड़ा है। सहयोगी देशों के बीच उत्तर कोरिया की अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान “पहले की तरह ही” जारी है।
मंत्री चुंग ने सांसदों को बताया था कि उत्तर कोरिया, योंगब्योन और कांगसोन में पहले से रिपोर्ट की गई जगहों के अलावा, उत्तर-पश्चिमी इलाके कुसोंग में भी यूरेनियम संवर्धन की एक और सुविधा चला रहा है।
खबरों के मुताबिक, अमेरिका ने चुंग द्वारा इस जानकारी को सार्वजनिक किए जाने पर आपत्ति जताई है। उसका मानना है कि यह जानकारी वाशिंगटन द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी पर आधारित थी। एकीकरण मंत्रालय ने पिछले हफ़्ते कहा था कि चुंग ने ये टिप्पणियां “सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी” के आधार पर की थीं।
सोमवार को चुंग ने उन आरोपों पर खेद व्यक्त किया कि उनकी टिप्पणियों से जानकारी लीक हुई है। उन्होंने कहा कि कुसोंग का जिक्र करने का उनका मकसद दक्षिण कोरिया की उत्तर कोरिया नीति को स्पष्ट करना था।
–आईएएनएस
ओपी/पीएम
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