मिल्वौकी, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। पोलैंड चाहता है कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच व्यापारिक रिश्ते और ज्यादा मजबूत हों। पोलैंड भारत को दुनिया की एक प्रमुख आर्थिक ताकत और लंबे समय तक स्थिर कारोबारी रिश्ते बनाने के लिए अहम साझेदार के रूप में देखता है।
पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की ने जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से अलग आईएएनएस को दिए गए एक खास इंटरव्यू में यह बात कही।
डोमान्स्की ने भारत के साथ रिश्तों पर बात करते हुए देश की तेज आर्थिक वृद्धि और लोकतांत्रिक व्यवस्था का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हम भारत को एक ग्लोबल लीडर के तौर पर देखते हैं। हम भारत को बहुत महत्वाकांक्षी लोगों का देश मानते हैं, बिल्कुल पोलैंड के लोगों की तरह।
डोमान्स्की ने कहा कि हम भारत को एक लोकतांत्रिक देश के रूप में देखते हैं, जो हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम भारत के साथ स्थिर आर्थिक रिश्ते बनाना चाहते हैं। आज की दुनिया में आर्थिक रिश्तों में भरोसा और स्थिरता पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है, क्योंकि कई बार फैसले काफी तेजी से बदल जाते हैं।
उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जहां कई बार फैसले बार-बार बदलते हैं। हम अलग तरीके से काम करना चाहते हैं। हम भारत जैसे साझेदारों के साथ मजबूत और स्थिर व्यापारिक रिश्ते बनाना चाहते हैं।”
जी20 देशों के बीच होने वाली चर्चाओं में भारत की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर डोमान्स्की ने भारत की बड़ी अर्थव्यवस्था और तेज जीडीपी ग्रोथ का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “भारत एक लीडर है। भारत न सिर्फ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, बल्कि उसकी जीडीपी ग्रोथ भी काफी तेज है।”
पोलैंड के मंत्री ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को कारोबारी रिश्तों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि लोकतांत्रिक देशों के साथ व्यापार करना आसान होता है। लोकतांत्रिक देशों के साथ कारोबार करना भी अक्सर आसान होता है।
उन्होंने भारत और यूरोप के रिश्तों को लेकर पोलैंड की बड़ी सोच के बारे में बताया। डोमान्स्की ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि पोलैंड, यूरोपीय संघ और भारत आज के मुकाबले कहीं ज्यादा करीबी व्यापारिक सहयोगी और साझेदार बनेंगे।
डोमान्स्की ने कहा कि भारत और पोलैंड के रिश्ते बेहतर हो रहे हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने की अभी काफी गुंजाइश है। हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्तों को बेहतर बनाने की काफी संभावनाएं हैं। हमें खुशी है कि भारत और ईयू के स्तर पर सहमति बनाने में कामयाबी मिली है। लेकिन इसके बाद सहयोग और व्यापार को बढ़ाना हर सदस्य देश की जिम्मेदारी है।
–आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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