भारत ने एक दिन में चीन से लेकर रूस तक बड़ी कूटनीतिक चाल चल दी है और चीन से अरुणाचल प्रदेश से LAC तक सीमा को लेकर तनाव पर बातचीत करने के लिए दिग्गज NSA अजीत डोभाल बिजिंग यात्रा पर है और रूस से अपने रिश्ते मजबूत करने के लिए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से अहम बातचीत की है जिससे पूरी दुनिया की नजर दोनों दिग्गज की रणनीति पर टिकी हुई है।
अजीत डोभाल की चीन यात्रा

चीन-भारत के बीच सीमा विवाद पर चीन के विशेष प्रतिनिधि वांग यी 25 अगस्त को बीजिंग में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधियों के बीच बैठक करेंगे और 25वें दौर की सह-अध्यक्षता करेंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर आज दो दिवसीय दौरे पर बीजिंग पहुंचेगे और भारत-चीन सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता के 25वें दौर की मेजबानी करेंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अपनी यात्रा के दौरान चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्री जयशंकर की रूस यात्रा
भारत के विदेश मंत्री जयशंकर रूस की यात्रा पर है और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करते हुए PM नरेंद्र मोदी का संदेश उन्हें सौंपा। दोनों नेताओं के बीच अहम बैठक हुई है और कई मह्तवपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई है। इस दौरान दोनों देशों के बीच परमाणु, व्यापार, निवेश, उर्वरक समेत वैश्विक तनाव को लेकर चर्चा की गई है साथ ही SCO और ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर भी बैठक क गई है।
भारत का बड़ा रणनीतिक दांव
भारत ने एक दिन में दो मोर्चों पर बड़ा रणनीतीक दांव चल दिया है जिससे पूरी दुनिया में हलचल मची हुई है। एक तरफ वैश्विक तनाव जारी है और अपने देश को बचाने के लिए मक्का डील पर भी चर्चा चल रही है वहीं अब भारत का एक साथ चीन और रूस के साथ रणनीतिक मजबूत करना चाहता है। अजीत डोभाल का चीन के साथ सुरक्षा और सीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा अहम है, वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूस के साथ रणनीतिक, रक्षा, ऊर्जा और आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


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