भारतीय जवानों ने फिर एकबार पाकिस्तान के सामने पेश की दरियादिली की मिसाल। दरअसल, बाड़मेर में 8 वर्षीय एक पाकिस्तानी बच्चा अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर अनजाने में भारत में प्रवेश कर गया। बॉर्डर की निगरानी कर रहे बीएसएफ के जवानों ने तुरंत उसे पाकिस्तान को वापस सौंप दिया। बीएसएफ गुजरात फ्रंटियर में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल एमएल गर्ग ने इसकी पुष्टि की है।
गर्ग ने कहा कि शुक्रवार शाम लगभग 5.20 बजे एक 8 वर्षीय बच्चा अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर बीएसएफ की 83 वीं बटालियन के बीओपी सोमरत के बॉर्डर पिलर नंबर 888/2-S के पास भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया था। उन्होंने कहा कि जब बीएसएफ के जवानों ने उस 8 वर्षीय बालक को पकड़ा तो वह डर गया और रोने लगा। बीएसएफ जवान ने उसे शांत करने की कोशिश की और उसे खाने के लिए कुछ चॉकलेट दिए। बीएसएफ के जवान के मुताबिक, बच्चे की पहचान पाकिस्तान के नगर पारकर के रहने वाले यमनू खान के बेटे करीम के रूप में हुई।
गर्ग ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान रेंजरों के साथ एक फ्लैग मीटिंग बुलाई और उन्हें नाबालिग के पार होने की जानकारी दी। इसके बाद करीब 7.15 बजे बच्चे को वापस पाकिस्तानी रेंजर्स को सौंप दिया गया। आपको बता दें कि भारत ने कई मौकों पर दरियादिली की मिशाल पेश की है, लेकिन पाकिस्तान का रवैया इन मुद्दों पर कुछ खास ठीक नहीं रहा है। बता दें कि बाड़मेर के ही बिजराड़ थाना क्षेत्र का 19 वर्षीय युवक गेमाराम मेघवाल पिछले साल 4 नवंबर को अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गया था, लेकिन पाकिस्तान ने उसे अभी तक भारत को वापस नहीं सौंपा है।


Download Android App
Download iOS App



