100% फ्री ड्यूटी, 20 अरब डॉलर का निवेश, भारत और न्यूजीलैंड के बीच होगा FTA, जानें इस समझौते के 10 बड़े फायदे

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India New Zealand FTA Deal: भारत और न्यूजीलैंड के बीच अच्छे गहरे रिश्ते अब एक अहम समझौते पर पहुंच गए है। आज दिल्ली के भारत मंडपम में ऐतिहासिक समझौते पर मुहर लगने वाली है जहां केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मंत्री टॉड मैक्ले दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर करेंगे। बता दें कि सिर्फ 9 महीनों की बातचीत के बाद यह समझौता संपन्न होने वाला है। इस दौरान न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने इस समझौते को एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता बताया है। विस्तार से जानते है इस समझौते से भारत को…

India New Zealand FTA Deal: भारत और न्यूजीलैंड के बीच अच्छे गहरे रिश्ते अब एक अहम समझौते पर पहुंच गए है। आज दिल्ली के भारत मंडपम में ऐतिहासिक समझौते पर मुहर लगने वाली है जहां केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मंत्री टॉड मैक्ले दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर करेंगे। बता दें कि सिर्फ 9 महीनों की बातचीत के बाद यह समझौता संपन्न होने वाला है। इस दौरान न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने इस समझौते को एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता बताया है। विस्तार से जानते है इस समझौते से भारत को कितना फायदा मिलेगा साथ ही किन क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के अवसर खुलेंगे।

India New Zealand FTA Deal: भारत-न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने बताया कि कि लगभग एक साल पहले, मेरी मुलाकात भारत में प्रधानमंत्री मोदी से हुई थी। तब हमने मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई थी। दशकों से कई लोग कहते रहे कि यह संभव नहीं है। आज 27 अप्रैल, सोमवार को भारत-न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने की ऐतिहासिक संभावना बन गई है।

India New Zealand Free Trade Agreement: इस समझौते के 10 बड़े फायदे

India New Zealand Free Trade Agreement
India New Zealand Free Trade Agreement (Source: Social Media)
  1. न्यूजीलैंड के बाजारों में भारत के निर्यातकों को 100 प्रतिशत फ्री ड्यूटी का लाभ मिलेगा।
  2. खेतों और बागों में अधिक नौकरियों के अवसर खुलेंगे जिससे स्थानीय समुदायों में अधिक धन का आने की संभावना है।
  3. इस मुक्त व्यापार समझौते से भारतीय वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है, जिसके तहत
  4. न्यूजीलैंड को निर्यात होने वाले लगभग 70% सामान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
  5. कीवी, ब्लूबेरी, सेब, लैब मिंट समेत कई ताजे फलों में शुल्क कम होने से कीमत कम होने की संभावना भी है।
  6. पारंपरिक और लघु एवं मध्यम उद्यम आधारित क्षेत्रों, विशेष रूप से चमड़ा, हथकरघा और हस्तशिल्प के लिए निर्यात के नए अवसर खोलेगा।
  7. आगरा के चमड़ा व्यवसाय और उत्तर प्रदेश के हथकरघा और हस्तशिल्प के लिए नए अवसर मिलेंगे। साथ ही बढ़ई से लेकर हस्तशिल्प कलाकारों तक और भी कई लोगों के लिए अवसर खुलेंगे।
  8. दोनों देशों के किसानों, कुशल पेशेवरों, व्यवसायों और स्थानीय समुदायों के लिए नए अवसर खोलने की क्षमता है।
  9. कनेक्टिविटी में सुधार की उम्मीद जताते हुए कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ानें जल्द ही शुरू हो सकती हैं, साथ ही पर्यटन में भी वृद्धि होगी।
  10. न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में लगभग 20 अरब डॉलर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करेगा।

India New Zealand Relations: लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद समझौता

यह समझौता लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद हुआ है, जिसे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच ऐतिहासिक जटिलताओं को देखते हुए असंभव माना जा रहा था। भारत के लिए, यह समझौता लघु एवं मध्यम उद्यमों और कारीगरों के लिए निर्यात के रास्ते खोलता है, जबकि न्यूजीलैंड के लिए, यह विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के लिए एक रणनीतिक प्रवेश द्वार प्रदान करता है। दोनों पक्ष इस मुक्त व्यापार समझौते को एक मील का पत्थर मानते हैं।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।