पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को कहा कि भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन को पाकिस्तान ने किसी दबाव या मजबूरी में रिहा नहीं किया है। विंग कमांडर को पाकिस्तानी क्षेत्र के भीतर उनका मिग-21 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद 27 फरवरी को पकड़ा गया था। उन्हें शुक्रवार रात को रिहा किया गया।
कुरैशी ने कहा, ”उन्हें रिहा करने के लिए पाकिस्तान पर न तो दबाव था और न ही कोई मजबूरी। हम उन्हें (भारत) यह संदेश देना चाहते थे कि हम आपके दुख को और बढ़ाना नहीं चाहते, हम आपके नागरिकों की तकलीफ नहीं बढ़ाना चाहते, हम शांति चाहते हैं।” उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान क्षेत्र की शांति को राजनीति के कारण जोखिम में नहीं डालना चाहता।”
मंत्री ने दोहराया कि अगर जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ सबूत साझा किए जाते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। कुरैशी ने कहा, ”पाकिस्तान देश और क्षेत्र की शांति के लिए खतरे राष्ट्र विरोधी तत्वों को बर्दाश्त नहीं करेगा। हमने उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई है।” मंत्री ने गुरुवार को स्वीकार किया था कि जेईएम प्रमुख मसूद अजहर पाकिस्तान में है और वह अस्वस्थ है।
कुरैशी ने शनिवार को कहा, ”सरकार किसी आतंकी या आतंकी संगठन को उनकी जमीन का प्रयोग कर हथियारों के उपयोग व आतंक फैलाने की इजाजत नहीं देगी। अगर कोई समूह ऐसा करता है तो सरकार ने उसके खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई है।” उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान अतीत में नहीं जाना चाहता..लेकिन अगर हमे अतीत में जाते हैं तो तब हम देखते हैं कि कैसे भारतीय संसद, पठानकोट हवाईअड्डे और उरी जैसी घटनाएं हुईं। यह बहुत लंबी कहानी है।”


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