जापान की एक अदालत ने मंगलवार को एक बिजली कंपनी द्वारा एक परमाणु रिएक्टर को फिर से सक्रिय करने के लिए दाखिल अपील को स्वीकार कर लिया। इस रिएक्टर को सुरक्षा कारणों से दिसंबर में बंद कर दिया गया था। समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, हिरोशिमा उच्च न्यायालय ने अपने फैसले को पलट दिया।
अदालत ने अपने पिछले आदेश में शिकोकू इलेक्ट्रिक से संबंधित इकाता संयंत्र के रिएक्टर तीन पर रोक लगा दी थी। वर्ष 2011 में हुए फुकुशिमा परमाणु हादसे के बाद आए इस तरह के पहले आदेश ने संयत्र को भूकंप और नजदीक की ज्वालामुखी गतिविधियों से संभावित खतरे से संबंधित संचालक के जोखिम मूल्यांकन को लेकर सवाल खड़े किए थे।
इस फैसले को जापान में परमाणु-विरोधी आंदोलन की एक जीत के रूप में देखा जा रहा था और फुकुशिमा आपदा के बाद बंद किए गए परमाणु रिएक्टरों को फिर से शुरू करने की केंद्र सरकार की योजना को झटका लगा था। अपील में शिकोकू इलेक्ट्रिक ने कहा कि माउंट असो से बड़े पैमाने पर ज्वालामुखी विस्फोट की संभावना काफी कम है। माउंट असो संयंत्र से 130 किलोमीटर दूर स्थित है।


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