बीजिंग, 7 जुलाई (आईएएनएस)। 1 जुलाई को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ मनाने की महासभा पर चीन के सर्वोच्च नेता शी चिनफिंग ने सीपीसी के 105 साल के शानदार इतिहास का सिंहावलोकन किया और सीपीसी के विशिष्ट गुणों पर प्रकाश डाला।
इधर, कुछ दिन कई देशों के राजनीतिज्ञों और अध्ययनकर्ताओं ने वस्तुगत दृष्टि और अपने अनुभवों से सीपीसी के शासन की उपलब्धियों की प्रशंसा की।
लाओस जन क्रांतिकारी पार्टी की केंद्रीय कमेटी के प्रचार विभाग के उप मंत्री खाम्मोन चांथाछिट ने बताया कि सौ वर्षों में सीपीसी ने विकास का करिश्मा रचा है। 2012 में सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद चीन का भावी विकास पर स्पष्ट ब्लूप्रिंट है, जिसका मजबूत सैद्धांतिक आधार है।
बांग्लादेश के प्रेस और ब्रॉडकास्टिंग मंत्री जाहिर उद्दिन स्वापोन ने बताया कि सीपीसी के नेतृत्व में चीन का सामाजिक व आर्थिक विकास आश्चर्यजनक है। चीन एआई, वैज्ञानिक व तकनीकी सृजन और डिजिटीकरण आदि क्षेत्रों में अग्रसर है।
कंबोडियाई जन पार्टी की केंद्रीय समिति के स्थायी सदस्य और कंबोडिया-चीन मैत्री संघ के अध्यक्ष एलके साम ओल के विचार में सीपीसी और चीन सरकार विश्व शांति, वैश्विक स्थिरता व समृद्धि की सुरक्षा करने की कुंजीभूत शक्ति है और वैश्विक चुनौतियों के निपटारे में केंद्रीय भूमिका निभाई है।
श्रीलंकाई कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव जी. वीरासिंघे ने बताया कि सीपीसी का लोकतांत्रिक केंद्रीयता तंत्र एक चीनी-विशेषता तांत्रिक लाभ है, जिसे कुशल निर्णय लेने और व्यापक जनमत समावेश दोनों को एकीकृत करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस व्यवस्था ने देश के बड़े विकास को बढ़ावा दिया और विभिन्न देशों के लिए चीनी योजना भी प्रस्तुत की है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
–आईएएनएस
एबीएम/
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