Kerch Bridge Traffic Shut Ukraine Drone : यूक्रेन ने रूस के कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप और रूसी मुख्य भूमि के क्रास्नोदार प्रांत पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस भीषण हवाई हमले में कुल पांच लोगों की मौत हो गई है। इनमें से चार लोगों ने क्रीमिया में अपनी जान गंवाई है, जहां करीब 28 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। वहीं क्रास्नोदार क्षेत्र में एक नागरिक की मौत हुई है।
हमलों के बाद पैदा हुए गंभीर संकट को देखते हुए क्रीमिया के गवर्नर सर्गेई अक्स्योनोव ने पूरे प्रायद्वीप में आम जनता और निजी क्षेत्र के लिए पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। अब ईंधन का इस्तेमाल केवल आपातकालीन सेवाओं, सुरक्षा बलों और जरूरी सरकारी वाहनों के लिए ही किया जा सकेगा।
ड्रोन हमलों की रफ़्तार हुई तेज
सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्रीमिया पर यूक्रेन ने हाल के हफ्तों में ड्रोन हमलों की रफ्तार काफी तेज कर दी है। यह इलाका रूस के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि यहाँ उसका ब्लैक सी फ्लीट (काला सागर नौसेना बेड़ा) तैनात है। यूक्रेन लगातार रूसी सेना की सप्लाई लाइनों और सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है। इस ताजा हमले से क्रीमिया में ईंधन का भारी संकट खड़ा हो गया है, जो कि पर्यटन सीजन के चरम पर होने के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
तेल डिपो पर गिरा ड्रोन
दूसरी तरफ, रूस के क्रास्नोदार क्षेत्र में भी यूक्रेनी ड्रोनों ने भारी तबाही मचाई है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यूक्रेनी सेना ने यहाँ के एक बड़े तेल परिवहन केंद्र (ऑयल ट्रांसपोर्ट सेंटर) को निशाना बनाया, जिससे एक प्रमुख तेल टर्मिनल में भीषण आग लग गई। इस हमले की चपेट में आने से केर्च जलडमरूमध्य (केर्च स्ट्रेट) में मौजूद एक यात्री फेरी पर सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई। खुद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी इस सफल ड्रोन स्ट्राइक की पुष्टि की है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर दावा किया है कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों (एयर डिफेंस सिस्टम) ने रातभर में रिकॉर्ड 239 यूक्रेनी ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने यह भी माना कि कुछ ड्रोन सुरक्षा घेरे को तोड़ने में कामयाब रहे और अपने लक्ष्यों पर जा गिरे।
ब्लैकआउट का संकट
स्थानीय बिजली वितरण कंपनी के अनुसार, ड्रोनों के गिरने से क्रीमिया के पावर ग्रिड को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते कई शहरों और रिहायशी इलाकों में बिजली पूरी तरह गुल हो गई है।
इस हमले के बाद एहतियात के तौर पर केर्च स्ट्रेट में चलने वाली फेरी सेवाओं को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। इसके अलावा, रूस को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले और सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील केर्च ब्रिज (क्रीमिया पुल) पर नौ घंटे से अधिक समय तक यातायात पूरी तरह बंद रखना पड़ा। इस वजह से रूट पर चलने वाली कम से कम 11 एक्सप्रेस ट्रेनें जहां-तहं खड़ी रहीं और हजारों रेल यात्रियों को भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा।


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