पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज को धन शोधन के मामले में यहां गुरुवार को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया जब वह जेल में बंद अपने पिता से मिलने आई थीं। राष्ट्रीय जवाबदेही अदालत ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष 45 वर्षीय मरियम को लाहौर की कोट लखपत जेल से गिरफ्तार किया।
राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के अधिकारी ने को बताया, ‘‘हमने मरियम नवाज को चौधरी सुगर मिल्स मामले में धन शोधन के आरोप और आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति रखने के आरोप को लेकर गिरफ्तार किया है।’’ उन्होंने बताया कि मरियम को एनएबी मुख्यालय ले जाया गया है।
एनएबी सूत्रों के मुताबिक अब्बास को भी मरियम के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मरियम को हिरासत में लेने को लेकर मरियम औरंगजेब और एहसान इकबाल सहित पीएमएल (एन) पार्टी के नेताओं से नेशनल असेंबली के बाहर प्रदर्शन किया। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी मरियम की गिरफ्तारी का विरोध किया और इसकी निंदा की।
मरियम की गिरफ्तारी को लेकर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की विधानसभा में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। उल्लेखनीय है कि मरियम को एनएबी के सामने 31 जुलाई को सीएसएम मामले में पेश होना था। उनका बयान सीएसएम में संदिग्ध व्यापारिक लेन-देन को लेकर दर्ज होना था।
मरियम सीएसएम की प्रमुख शेयरधारकों में से एक हैं। एनएबी सूत्रों ने डॉन को बताया कि जनवरी 2018 में पीएमएल (एन) सरकार के आर्थिक निगरानी विभाग ने एनएबी के समक्ष धन शोधन कानून के तहत सीएसएम में करोड़ रुपये के लेन-देन की रिपोर्ट दर्ज करायी थी।
सूत्रों ने बताया कि एनएबी ने अक्टूबर 2018 में इस मामले की जांच शुरू कर दी थी जिसमें पाया कि नवाज शरीफ, मरियम नवाज, शाहबाज शरीफ और अब्बास शरीफ के परिजन इस कंपनी के शेयर धारक हैं। इनके अलावा संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन के कुछ लोग भी इसमें शामिल हैं।


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