नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। मिस्त्र के अंशास में आयोजित मिस्र-भारत संयुक्त प्रशिक्षण “साइक्लोन-4” का समापन हो गया है। यह जानकारी मिस्र आधिकारिक सैन्य प्रवक्ता ने दी है। इसके साथ ही उन्होंने प्रशिक्षण से जुड़े फोटो और वीडियो भी साझा किए हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सैद्धांतिक और व्यावहारिक घटकों का एक व्यापक मिश्रण शामिल था, जिसका उद्देश्य भाग लेने वाली सेनाओं के बीच परिचालन अवधारणाओं को एकीकृत करना और आपसी तालमेल को बढ़ाना था। इन गतिविधियों में विशेष व्याख्यान, उन्नत हथियारों और उपकरणों का प्रदर्शन और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संभालने का व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल था। इस अभ्यास का समापन एक बड़े पैमाने के सामरिक सिमुलेशन के साथ हुआ, जिसमें एक आवासीय क्षेत्र के भीतर स्थित आतंकवादियों के एक गढ़ पर हमला करने का अभ्यास किया गया। हेलीकॉप्टर की सहायता से भाग लेने वाली यूनिट्स ने सफलतापूर्वक समन्वित अभियान चलाए, जिनमें बंधकों को छुड़ाना, शत्रु तत्वों को बेअसर करना और उन्हें पकड़ना, हताहतों को सुरक्षित निकालना और उनका चिकित्सकीय उपचार करना शामिल था। अतिरिक्त अभ्यासों में स्थिर और गतिशील, दोनों ही परिस्थितियों में उन्नत निशानेबाजी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।
अतिरिक्त अभ्यासों में स्थिर और गतिशील दोनों स्थितियों में उन्नत निशानेबाजी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। सभी प्रतिभागियों के प्रदर्शन ने उच्च स्तर की व्यावसायिकता, तकनीकी दक्षता और परिचालन तत्परता को दर्शाया, जो सटीकता और कुशलता के साथ जटिल मिशनों को अंजाम देने की उनकी क्षमता को रेखांकित करता है। यह अभ्यास सशस्त्र बलों के विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और सहयोगी एवं साझेदार देशों के साथ सैन्य सहयोग को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। इस अभ्यास में मिस्र और भारत दोनों की विशिष्ट कमांडो इकाइयों ने भाग लिया और इसमें वरिष्ठ रेंजर्स कमांडरों के साथ-साथ काहिरा में भारतीय सैन्य अटैची भी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि भारतीय सेना का एक दस्ता मिस्र के भारत-मिस्र संयुक्त विशेष बल अभ्यास ‘साइक्लोन-4’ के चौथे संस्करण में भाग लिया, जिसका आयोजन 9 से 17 अप्रैल 2026 तक अंशास में किया गया था। यह अभ्यास भारत और मिस्र के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग की एक निरंतरता है और भारत में आयोजित पिछले संस्करण की सफलता के बाद इसका आयोजन किया जा रहा है। भारतीय दस्ते में विशेष बल इकाइयों के 25 जवान शामिल थे, जिन्होंने एक यथार्थवादी परिचालन वातावरण में अपने मिस्र के समकक्षों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस अभ्यास का उद्देश्य विशेष अभियानों में सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के माध्यम से संयुक्त मिशन नियोजन क्षमताओं को बढ़ाना और आपसी तालमेल में सुधार करना है। भारतीय सैनिकों ने मिस्र सैनिकों के साथ रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी इलाकों में विशेष परिचालन युक्तियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं पर केंद्रित प्रशिक्षण गतिविधियों की एक श्रृंखला में हिस्सा लिया।
–आईएएनएस
ओपी/पीएम
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