भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वीजा व्यवस्था में संभावनाओं में वृद्धि सुनिश्चित करने को लेकर वह अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है।
ट्रंप प्रशासन द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने वाले विदेशी पेशेवरों को ‘एच-1बी’ वीजा देने के लिए कंप्यूटरीकृत लॉटरी व्यवस्था को समाप्त करने के कदम से संबंधित सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने उक्त टिप्पणी की।
श्रीवास्तव ने कहा, ” व्यक्ति से व्यक्ति संबंध, भारत और अमेरिका के बीच विशेष संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार है। वीजा व्यवस्था में अधिक संभावना सुनिश्चित करने को लेकर हम अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं। साथ ही उन लोगों की असुविधाओं को कम करने को लेकर भी बातचीत जारी है जो अमेरिका में रहते हैं अथवा जिन्हें वहां की यात्रा करने की आवश्यकता है।”
उल्लेखनीय है कि ट्रंप प्रशासन ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने वाले विदेशी पेशेवरों को ‘एच-1बी’ वीजा देने के लिए कंप्यूटरीकृत लॉटरी व्यवस्था को समाप्त कर इसके स्थान पर वेतन आधारित चयन प्रक्रिया अपनाने का प्रस्ताव दिया है।
नयी व्यवस्था के लिए एक अधिसूचना बृहस्पतिवार को फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित की जा रही है।
‘एच-1बी’ वीजा एक गैर प्रवासी वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को तकनीकी विधाओं में दक्ष विदेशी कमर्चारियों को नौकरियां देने की मंजूरी प्रदान करता है।


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