नई दिल्ली : भारत और रूस में एस-400 डिफेंस सिस्टम के लिए डील हुई है। इस समझौते से चीन व पाकिस्तान दोनों में ही खलबली मची हुई है। ऐसे में पाकिस्तान ने चीन से उच्च श्रेणी के 48 ड्रोन खरीदने की योजना बनाई है। चीन ने इस डील की आधिकारिक घोषणा भी कर दी है। मीडिया रिपोट्स के अनुसार चीन की ओर से पाकिस्तान को 48 उच्च गुणवत्ता वाले आधुनिक ड्रोन बेचे जाएंगे। ये ड्रोन किसी भी मौसम में उड़ाए जा सकेंगे। हालांकि यह सौदा कितने का होगा इस बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। गौरतलब है कि अमेरिका के एमक्यू 1 प्रिडिएटर ड्रोन भारत खरीदना चाहता है। इस पर दोनों देशों में बात चल रही है।
चीन की ओर से पाकिस्तान को बेचा जाने वाले ड्रोन का नाम विंग लुंग 2 है। ये उच्च श्रेणी का टोही ड्रोन है। इस ड्रोन से जरूरत पड़ने पर हमला भी किया जा सकता है। इस ड्रोन को चीन की कंपनी चैंगदू एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रियल कंपनी ने बनाया है। वहीं चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स की मानें तो आने वाले समय में चीन और पाकिस्तान मिल कर इस ड्रोन का उत्पादन भी कर सकते हैं। गौरतलब है कि आज के समय में पाकिस्तान की सेना को सबसे अधिक हथियारों की सप्लाई चीन ही करता है। दोनों देश मिल कर पहले से ही जेएफ थंडर नाम का सिंगल इंजन मल्टी रोल कॉम्बेट एयरक्राफ्ट बना रहे हैं।
चीन की ड्रोन सौदे की सबसे बड़ी डील है ये
चीन की ड्रोन सप्लाई की यह सबसे बड़ी डील है। गौरतलब है कि चीन ने मात्र 10 महीने पहले ही इस ड्रोन की पहली उड़ान का परीक्षण किया था। इसके बाद इस ड्रोन से कई जगहों पर फायरिंग टेस्ट किए गए हैं। चीन के सुरक्षा मामलों के जानकार शांग जांगपिंग के अनुसार अमेरिाक का एमक्यू 1 प्रिडिएटर ड्रोन तकनीकी तौर पर चीन के ड्रोन से कहीं अधिक एडवांस है। लेकिन अमेरिका इस ड्रोन को बहुत सीमित मात्रा में ही दूसरे देशों को देता है। ऐसे में चीन के बने ड्रोन सस्ते और उपयोगी होने के चलते आने वाले समय में कई देश इसे खरीदना चाहेंगे।


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