Pakistan Election: बिना बल्ले उतरे इमरान खान के खिलाड़ी, फिर भी बना दिया सबसे बड़ा ‘स्कोर’

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जेल में बंद हैं। उनके साथियों पर रोक लगा दी गई थी कि वह उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नाम के तहत चुनाव नहीं लड़ सकते। यहां तक कि उन्हें पार्टी के आइकॉनिक चुनाव चिह्न बैट का इस्तेमाल भी नहीं करने दिया गया था। ऐसे में बिना बैट चुनावी पिच पर निर्दलीय उतरे इमरान खान के खिलाड़ियों ने फिर भी सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया है।

 Highlights 

  • बिना बल्ले उतरे इमरान खान के खिलाड़ी 
  • फिर भी बना दिया सबसे बड़ा ‘स्कोर’ 
  • बरकरार है इमरान खान की लोकप्रियता  

नई सरकार चुनने के लिए मतदान

पाकिस्तान में आठ फरवरी को नई सरकार चुनने के लिए मतदान हुआ था। इसकी मतगणना अभी भी चल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार पीटीआई के समर्थन वाले उम्मीदवारों को 265 में से 100 सीटों पर जीत मिली है। वहीं, नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) को 71 और बिलावल भुट्टो जरदारी की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) को 54 सीटें मिली हैं। उल्लेखनीय है कि इस आम चुनाव में फर्जीवाड़े और धांधली के आरोप भी लगे हैं।

बरकरार है इमरान खान की लोकप्रियता

निर्दलीय प्रत्याशियों का शानदार प्रदर्शन इमरान खान की लोकप्रियता की ओर इशारा करता है। पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में महंगाई की दर इस समय पूरे एशिया में सबसे ज्यादा है। इसके साथ ही निर्दलीय प्रत्याशियों की बड़ी जीत यह भी बताती है कि जनता का पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति से मोहभंग हो रहा है, जिसका प्रतिनिधित्व शरीफ और भुट्टो परिवार के दल करते आए हैं।

युवाओं और मध्यम वर्ग ने जताया भरोसा

पीटीआई के समर्थन वाले निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी दौड़ में आगे चल रहे हैं जबकि उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। यह दिखाता है कि इमरान का आधार कितना मजबूत है। युवा और मध्यम वर्गीय परिवार उन पर भरोसा जता रहे हैं। पीटीआई के चेयरमैन गौहर अली खान ने कहा है कि इमरान के वफादारों ने अधिकांश सीटें जीती हैं और उनके पास सरकार बनाने का पहला अधिकार है। हालांकि यहां निर्दलीय उम्मीदवार सरकार बनाने का दावा पेश नहीं कर सकते।

सेना से टकराव ने छीना था प्रधानमंत्री पद

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक बैंक कर्मचारी ने कहा कि उसने इमरान खान के समर्थन वाले उम्मीदवार को वोट गिया था क्योंकि पिछली सरकार महंगाई को रोकने में नाकाम रही है। साल 1992 के क्रिकेट विश्वकप की विजेता पाकिस्तान टीम के कप्तान रहे इमरान खान को पाकिस्तान का सबसे लोकप्रिय नेता माना जाता है। अप्रैल 2022 में सेना से टकराव के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद से ही इमरान जेल की सजा काट रहे हैं।

इमरान-नवाज, दोनों का जीतने का दावा

मतदान के बाद पीटीआई की वेबसाइट पर इमरान खान का एक वीडियो संदेश पोस्ट हुआ था जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया था। इसमें उन्होंने अपने प्रत्याशियों को चुनाव में जीत की बधाई दे दी थी औऱ कहा था कि आपने मतदान करके अपनी आजादी की नींव रखी है। उधर, तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ भी अपनी जीत का दावा कर चुके हैं और गठबंधन की सरकार बनाने की फिराक में हैं। हालांकि, यहां असल स्थिति क्या होगी यह समय ही बताएगा।

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