पंजाब में कल देर रात पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित कर रहे पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ के चेहरे पर किसी धार्मिक चरमपंथी व्यक्ति ने स्याही पोत दी। संदिग्ध का आरोप है कि आसिफ की पार्टी ने पैगंबर मोहम्मद के इस्लाम के अंतिम नबी होने की मान्यता को संविधान के माध्यम से बदलने की कोशिश की है, जिससे उसकी भावनाएं आहत हुई हैं।
पार्टी के कार्यकर्ताओं ने घटना के बाद संदिग्ध की पिटाई की, फिर उसे पुलिस को सौंप दिया। आसिफ अपने गृह नहर सियालकोट में पीएमएल-एन के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, तभी उनकी बगल में खड़े लंबी दाढ़ी वाले एक प्रौढ़ पुरूष ने विदेश मंत्री के चेहरे पर स्याही पोत दी।
घटना के तुरंत बाद विदेश मंत्री को उनके सुरक्षाकर्मी वहां से बाहर ले गये। हालांकि, चेहरा धोने के बाद आसिफ अपना भाषण पूरा करने वापस आये। मंत्री ने कहा, ”मैं इस व्यक्ति को नहीं जानता। ऐसा लगता है कि मेरे विरोधियों ने इसे मुझ पर स्याही फेंकने के लिए कुछ धन दिया है, लेकिन मैं इसे माफ करता हूं, और पुलिस से उसे छोड़ने को कहूंगा।” आसिफ ने यह भी कहा कि इस घटना से उनकी राजनीति पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
उन्होंने कहा, ”ऐसी घटनाओं से उनके प्रति सहानुभूति बढ़ती है।” इसबीच सियालकोट पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति की पहचान फैज रसूल के रूप में की है। पुलिस के एक अधिकारी ने रसूल के बयान के आधार पर बताया, ”रसूल का किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उसने पुलिस को बताया कि विदेश मंत्री की पार्टी ने पैगंबर मोहम्मद के इस्लाम के अंतिम नबी होने के तथ्य को संविधान में बदलने का प्रयास किया, इसलिए उसने चेहरे पर स्याही फेंका। इससे उसकी और लाखों पाकिस्तानियों की भावनाएं आहत हुई हैं।” उन्होंने कहा कि चूंकि मंत्री प्राथमिकी दर्ज नहीं करना चाहते हैं, ऐसे में पुलिस सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रसूल को छोड़ देगी।
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