‘कुत्तों को लाकर कराया रेप…’ ब्रिटेन की संसद में गूंजा पाकिस्तानी ‘ग्रूमिंग गैंग’ का मुद्दा, जानिए क्या है पूरा मामला

Summary :

Pakistani Grooming Gangs Rape : ब्रिटेन में लंबे समय से एक गंभीर समस्या की तरह फैले संगठित बाल यौन शोषण (ग्रूमिंग गैंग्स) का मुद्दा एक बार फिर देश की संसद और राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गया है। इस संवेदनशील विषय को दोबारा चर्चा में लाने का श्रेय ग्रेट माउथ से सांसद रूपर्ट लो (Rupert Lowe) के उस हालिया और झकझोर देने वाले भाषण को जाता है, जिसने ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) को पूरी तरह हिलाकर रख दिया। सांसद लो ने सदन के पटल पर पीड़ित लड़कियों की ऐसी दर्दनाक और भयावह गवाहियां पढ़कर सुनाईं, जिन्हें सुनकर वहां…

Pakistani Grooming Gangs Rape : ब्रिटेन में लंबे समय से एक गंभीर समस्या की तरह फैले संगठित बाल यौन शोषण (ग्रूमिंग गैंग्स) का मुद्दा एक बार फिर देश की संसद और राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गया है। इस संवेदनशील विषय को दोबारा चर्चा में लाने का श्रेय ग्रेट माउथ से सांसद रूपर्ट लो (Rupert Lowe) के उस हालिया और झकझोर देने वाले भाषण को जाता है, जिसने ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) को पूरी तरह हिलाकर रख दिया।

सांसद लो ने सदन के पटल पर पीड़ित लड़कियों की ऐसी दर्दनाक और भयावह गवाहियां पढ़कर सुनाईं, जिन्हें सुनकर वहां मौजूद हर शख्स स्तब्ध रह गया। उन्होंने अपनी स्वतंत्र जांच के दौरान एकत्रित की गई उन लड़कियों की आपबीती को दुनिया के सामने रखा, जो बचपन में इन घिनौने गिरोहों का शिकार बनी थीं। लो ने ब्रिटिश सरकार से बिना किसी राजनीतिक संकोच के इस संगठित अपराध पर तुरंत और सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।

Pakistani Grooming Gangs : पीड़ितों की गवाही

Pakistani Grooming Gangs Rape
Pakistani Grooming Gangs Rape

संसद में पेश की गई इन गवाहियों में अत्यधिक शारीरिक हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और यौन शोषण के ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं जो मानवीय क्रूरता की सारी हदें पार करते हैं। एक पीड़ित लड़की ने बताया कि जब वह महज 12-13 वर्ष की थी, तब एक अपराधी ने उसके साथ दरिंदगी करते हुए उसके शरीर को गंभीर रूप से चोट पहुंचाया गया।

वहीं, एक अन्य पीड़िता ने 15 साल की उम्र का अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि गंभीर शारीरिक चोटों और तकलीफ के कारण वह बैठ तक नहीं पाती थी, लेकिन जब वह अस्पताल गई तो डॉक्टरों ने बिना कोई गहन जांच किए या सवाल पूछे, केवल कुछ दवाइयां देकर उसे घर भेज दिया।

एक अन्य दिल दहला देने वाले बयान में महिला ने दावा किया कि दुर्व्यवहार के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के कई पुलिस अधिकारी भी उस नेटवर्क का हिस्सा थे और उन्होंने भी उसके साथ गलत काम किया। यातना की पराकाष्ठा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक 13 वर्षीय पीड़िता को अगले तीन वर्षों के भीतर सैकड़ों अलग-अलग पुरुषों के आगे परोसा गया।

कुछ गवाहियों में लड़कियों को वैन के भीतर कुत्तों के पिंजरों में बंद रखने और जानवरों के जरिए प्रताड़ित करने जैसे जघन्य कृत्य भी शामिल थे, जिसका अपराधी वीडियो बनाते थे, हंसते थे और शर्तें लगाते थे। पीड़ितों को मुंह खोलने पर उनके परिवार सहित जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं।

UK Grooming Gang Horror : इंडिपेंडेंट जांच रिपोर्ट में बड़े खुलासे

Pakistani Grooming Gangs Rape
Pakistani Grooming Gangs Rape (SOURCE : SOCIAL MEDIA)

सांसद रूपर्ट लो द्वारा बीते वर्ष देश के कम से कम 85 क्षेत्रों में ‘गिरोह-आधारित बाल यौन शोषण’ पर कराई गई स्वतंत्र जांच रिपोर्ट में कई बड़े और कड़े खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्षों में पाया गया कि इन संगठित गिरोहों में मुख्य रूप से पाकिस्तानी मूल के पुरुष शामिल हैं, जो पिछले कई दशकों से इस नेटवर्क को बेखौफ होकर चला रहे हैं।

इसके साथ ही, इस रिपोर्ट में ब्रिटेन के सार्वजनिक निकायों और पुलिस प्रशासन की ‘घोर लापरवाही’ तथा ‘संस्थागत विफलता’ (Institutional Failure) की कड़ी आलोचना की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, राजनीतिक शुद्धता (Political Correctness) बनाए रखने और समाज में ‘नस्लवादी’ कहलाने के डर से स्थानीय अधिकारियों ने वर्षों तक इस पूरे मामले से अपनी आंखें मूंदे रखीं और अपराधियों को बढ़ावा दिया।

UK Grooming Gangs : 29 साल से चल रहा मामला

गौरतलब है कि ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग्स का यह इतिहास नया नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें काफी पुरानी हैं। यह पूरा मुद्दा सबसे पहले दक्षिण यॉर्कशायर के रोदरहम शहर में बड़े पैमाने पर सामने आया था, जहां साल 1997 से 2013 के बीच लगभग 1400 से अधिक बच्चों का सुनियोजित तरीके से यौन शोषण किया गया था।

इसके बाद साल 2014 में आई प्रोफेसर एलेक्सिस जे की आधिकारिक रिपोर्ट ने भी यह साफ किया था कि स्थानीय प्रशासन और काउंसिल ने केवल नस्लवाद के आरोपों के डर से इस मामले पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया था। सबसे चिंताजनक बात यह है कि रोदरहम के बाद यही खौफनाक पैटर्न ब्रिटेन के करीब 50 अन्य शहरों में भी देखा गया, जिनमें रोशडेल, ऑक्सफोर्ड, टेलफोर्ड और ब्रिस्टल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

रूपर्ट लो के इस ऐतिहासिक भाषण ने ब्रिटिश कानून व्यवस्था को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है और अब पूरा देश सरकार की ओर देख रहा है कि इन बहादुर पीड़ितों को कब न्याय मिलता है।

Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।