विश्व में कोरोना वायरस का कहर बरकरार है। इस बीच अमेरिकी बहुराष्ट्रीय दवा निगम फाइजर ने घोषणा की है कि वह अत्यधिक पारगम्य डेल्टा वेरिएंट को रोकने के लिए एक कोविड बूस्टर शॉट विकसित कर रहे हैं। वहीं ‘फाइज़र’ ने कहा कि उसके कोविड-19 रोधी टीके की तीसरी खुराक को प्राधिकृतक करने के लिए संघीय प्राधिकरण से उसके अनुरोध पर चर्चा करने के लिए वह अमेरिका के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारियों से सोमवार को मुलाकात करेगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के मुख्य स्वास्थ्य सलाहकार ने स्वीकार किया है कि ‘‘इसकी तीसरी खुराक की संभवत: आवश्यकता होगी।’’ कम्पनी ने कहा कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) और अन्य अधिकारियों के साथ सोमवार को उसकी बैठक है। इससे कुछ दिन पहले ही ‘फाइज़र’ ने कहा था कि 12 महीने बाद उसके कोविड-19 रोधी टीके की तीसरी खुराक की जरूरत होगी।
‘फाइज़र’ के अनुसंधान एवं विकास-चिकित्सा के अध्यक्ष डॉ. मिकाइल डोल्स्टेन ने पिछले सप्ताह ‘एपी’ से कहा था कि तीसरी खुराक से जुड़े कम्पनी के अध्ययन में पाया गया है कि तीसरी खुराक लेने के बाद लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता दूसरी खुराक की तुलना में पांच से 10 गुना तक बढ़ जाएगी।
संक्रामक रोगों के अमेरिका के शीर्ष विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फाउची ने रविवार को तीसरी खुराक की संभावना को खारिज नहीं किया लेकिन कहा कि सरकार के लिए एक और खुराक की सिफारिश करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केन्द्र और एफडीए का पिछले हफ्ते ‘फाइज़र’ के बयान से सहमति ना जताना और तीसरी खुराक के ‘‘ इस समय ’’ आवश्यक ना होने का बयान सही है।
‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने सबसे पहले ‘फाइज़र’ और अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच सोमवार को बैठक होने से जुड़ी खबर दी थी। गौरतलब है कि अमेरिका की अभी तक केवल 48 प्रतिशत आबादी को कोविड-19 रोधी टीके लग चुके हैं। देश के कुछ इलाकों में टीकाकरण दर बेहद कम है और कुछ हिस्सों में कोविड-19 के नए स्वरूप ‘डेल्टा’ के मामले बढ़ रहे हैं।


Download Android App
Download iOS App


