PoJK के मीरपुर में लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक पाकिस्तान की शहबाज़ शरीफ़ सरकार और सेना अध्यक्ष आसिम मुनीर के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। वहां की आवाम में सरकार के खिलाफ भारी नाराज़गी है। सड़क पर प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि प्रशासन आम लोगों की सुरक्षा करने में पूरी तरह असफल रहा, जिस वजह से कई बेगुनाहों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसी नाराजगी के चलते लोग खुलकर विरोध जता रहे हैं और सरकार से सरकार से इसका जबाव भी मांग रहे हैं।
Mirpur Protest PoK: गोलीबारी में 26 लोगों की मौत, 190 घायल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना की हालिया गोलीबारी में 26 आम नागरिकों की मौत हो गई और लगभग 190 लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल है। कई घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है।
#WATCH पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर के मीरपुर में पाकिस्तान-विरोधी प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में जमा हुए। pic.twitter.com/29gEIZzWj5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 9, 2026
Pakistan Occupied Kashmir Protest: न्याय की मांग; सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना से नाराज़ लोगों ने पाकिस्तानी प्रशासन के ख़िलाफ़ नारे लगाए और न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बेगुनाह लोगों की मौत के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, मारे गए लोगों के परिवारों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सज़ा देने की मांग की है। बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है।
भारत का क्या रुख हो सकता है?
भारत का कहना है कि PoJK भारत का हिस्सा है। मीरपुर में हुए विरोध प्रदर्शनों और नागरिकों की मौत की खबरों पर भारत मानवाधिकारों का मुद्दा उठाया है। भारत का मानना है कि पाकिस्तान अपनी प्रशासनिक नाकामियों और मानवाधिकार हनन (Human Rights Abuses) के मामलों को छिपाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहा है। जेय सिंध मुत्ताहिदा महाज (JSMM) के चेयरमैन शफी बुरफत ने पीओके में हो रही घटनाओं पर चिंता जताई है। उन्होंने भारत सहित दुनिया के कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हस्तक्षेप करने की अपील की है।


Download Android App
Download iOS App




