नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को दक्षिण अफ्रीका के शिक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान शिक्षा, कौशल विकास, शोध, नवाचार और डिजिटल लर्निंग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ”मेरी दक्षिण अफ्रीका गणराज्य की बेसिक एजुकेशन मंत्री सिविवे ग्वारुबे और उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण की उप मंत्री डॉ. नोमुसा ड्यूबे-नक्यूब के साथ द्विपक्षीय बैठक हुई। हमारी चर्चा का मुख्य फोकस प्राथमिक और उच्च शिक्षा, कौशल विकास, शोध, नवाचार और डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने पर रहा।”
मंत्री ने बताया कि हमने शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ाने के अवसरों पर विचार किया और भारत की सफल पहलों, जैसे निपुण भारत, परख, स्वयं और समर्थ के अनुभव साझा किए।
इसके अलावा, हमने दोनों देशों के बीच शिक्षा से जुड़े जिन समझौतों पर बातचीत चल रही है, उन्हें आगे बढ़ाने और जल्द पूरा करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इसका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करना तथा दोनों देशों की आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ पहुंचाना है।
ब्रिक्स शिक्षा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इंडोनेशिया के उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ब्रायन युलियार्तो और ईरान के विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के कार्यवाहक मंत्री प्रोफेसर मसूद शम्स-बख्श के साथ बैठक की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक अन्य ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ”ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान मेरी इंडोनेशिया के उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ब्रायन युलियार्तो के साथ द्विपक्षीय बैठक हुई। हमने भारत और इंडोनेशिया के बीच उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और शैक्षणिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।”
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बताया, ”हमने आईआईटी मद्रास ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन और इंडोनेशिया के उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का भी स्वागत किया। इस समझौते का उद्देश्य शोध, नवाचार और प्रतिभा विकास के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना है। हमें विश्वास है कि यह साझेदारी शिक्षा, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करेगी और दोनों देशों के छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को लाभ पहुंचाएगी।”
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक अन्य ‘एक्स’ पोस्ट में ईरान के कार्यवाहक विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी मंत्री प्रो. मसूद शम्स-बख्श के साथ मुलाकात की जानकारी साझा की।
मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि भुवनेश्वर में आयोजित 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में मेरी ईरान के कार्यवाहक विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी मंत्री प्रो. मसूद शम्स-बख्श के साथ मुलाकात हुई। हमारे बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंध हैं, जो शिक्षा, शोध, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में एक आधुनिक और मजबूत साझेदारी बनाने का बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं। मैं दोनों देशों के संस्थानों के बीच संबंधों को और मजबूत करने, शैक्षणिक और शोध सहयोग बढ़ाने, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अधिक अवसर पैदा करने तथा डिजिटल शिक्षा का उपयोग करके ज्ञान आधारित साझेदारी को और गहरा करने के लिए उत्सुक हूं।
उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि हम मिलकर सहयोग के नए रास्ते खोल सकते हैं, जो हमारे युवाओं को सशक्त बनाएंगे और नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देंगे। इससे भारत और ईरान, दोनों देशों को लाभ होगा।
–आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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