पाकिस्तान सरकार ने 94 जीवन रक्षक दवाओं की कीमत बढ़ाने का फैसला किया है, जबकि कोविड-19 के उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली प्रायोगिक दवा रेमेडिसिवीर की कीमत 10,873 रुपये से घटाकर 8,244 रुपये कर दी है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक डॉ. फैसल सुल्तान ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कुछ महत्वपूर्ण या जीवन रक्षक दवाओं की दीर्घकालिक कमी को दूर करने के लिए संघीय मंत्रिमंडल ने दवाओं की कीमतें बढ़ाने की अनुमति दी है। इन दवाओं की कीमतें बहुत कम होने के कारण आपूर्ति भी कम हो रही थी।
अखबार ‘डॉन’ ने विशेष सहायक के हवाले से कहा, ‘‘जब ये दवाएं बाजार में उपलब्ध नहीं होती तो मरीजों को महंगी दवाओं का उपयोग करने के लिए मजबूर किया जाता है।’’ स्वास्थ्य मंत्रालय ने बाद में एक बयान में कहा कि मंत्रिमंडल ने दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमतों (एमआरपी) में बदलाव करने की मंजूरी दे दी है और ये एमआरपी 30 जून 2021 तक प्रभावी रहेंगे।
डॉ. सुल्तान ने कहा कि जिन दवाओं की कीमतों में वृद्धि की अनुमति दी गई है,उनमें उच्च रक्तचाप में आपातकालीन उपयोग की जाने वाली फ्यूरोसेमाइड इंजेक्शन, ग्लूकोमा के लिए एसिटाजोलामाइड टैबलेट, उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए हाइड्रालाजीन टैबलेट और मिर्गी के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कार्बामाजेपिन टैबलेट और सिरप जैसी दवाएं शामिल हैं।


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