उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग-उन ने मंगलवार को कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण के अपने वादे को दोहराते हुए कहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दोबारा मिलने के लिए तैयार हैं। द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, किम ने हालांकि चेतावनी दी कि अगर अमेरिका उनके देश पर प्रतिबंध बरकरार रखता है और एकतरफा रियायतों की मांग करता है तो उन्हें ‘नए रास्ते’ अपनाने होंगे।
राष्ट्रीय टीवी पर प्रसारित अपने नव वर्ष के संबोधन में किम ने वार्ता की अपनी इच्छा को जताते हुए यह भी याद दिलाया कि परमाणु निरस्त्रीकरण की वार्ता सफल करने के लिए उत्तर कोरिया की भी अपनी मांगें हैं। उन्होंने चेताया कि अमेरिका, उत्तर कोरिया के ‘धैर्य’ को समझने में गलती न करे।
किम ने जून 2018 में ट्रंप के साथ उनकी बैठक को ‘ज्ञानप्रद’ बताया और कहा कि उन्होंने आपसी मुद्दों पर रचनात्मक विचार और जटिल समस्याओं के त्वरित समाधान साझा किए थे। उन्होंने कहा, ‘मैं अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ भविष्य में दोबारा कभी भी वार्ता करने के लिए तैयार हूं और ऐसे परिणाम देने का प्रयास करूंगा जिसका अंतर्राष्ट्रीय समुदाय स्वागत करे।’
किम जोंग-उन के साथ संबंध बहुत अच्छे : ट्रंप
उन्होंने कहा, ‘हालांकि, अमेरिका अगर दुनियाभर के सामने किए अपने वादे को नहीं निभाता है, हमारे लोगों के धैर्य को गलत समझता है, हम पर एकतरफा मांग थोपता है, हमारे गणराज्य पर प्रतिबंध और दबाव कड़ाई से लागू रखता है तो हम अपनी आजादी की रक्षा करने और कोरियाई प्रायाद्वीप की भलाई और शांति व स्थिरता लाने के लिए नए रास्ते तलाशेंगे।’
किम जोंग ने यह भी कहा कि वह और ट्रंप कोरियाई प्रायाद्वीप के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर सहमत हुए थे और उनकी सरकार इस पर दृढ़ है। उन्होंने कहा, ‘हमने घोषणा की है कि हम और परमाणु हथियारों का निर्माण या परीक्षण नहीं करेंगे और हमने इसके अनुसार काम किया है।’


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