नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। यूक्रेन के नीपर में रूस के हमले से यूक्रेन के सबसे बड़े दवा गोदाम में से एक को बहुत नुकसान हुआ। इससे आईआरसी और दूसरे मानवीय संगठनों के लिए जरूरी मेडिकल सप्लाई खतरे में पड़ गई। इस हमले के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस का बयान भी सामने आया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने रविवार को कहा कि यूक्रेन के नीप्रो शहर में डब्ल्यूएचओ का एक ह्यूमनिटेरियन वेयरहाउस हुए हमले में तबाह हो गया।
उन्होंने अपना बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया और कहा, “पिछले शुक्रवार को, यूक्रेन के नीप्रो में डब्ल्यूएचओ के मानवीय गोदाम पर हमला हुआ और वह तबाह हो गया। अभी तक, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। डब्ल्यूएचओ का एक स्टाफ और ड्राइवर दिन में पहले ही सप्लाई निकालने में मदद के लिए साइट पर थे। टीम लगभग 300 पैलेट में से 130 को निकालने में कामयाब रही और हमले से पहले ही इलाके से निकल गई।”
उन्होंने आगे कहा, “वेयरहाउस में फ्रंटलाइन स्वास्थ्य केंद्रों के लिए मानवीय मेडिकल सप्लाई रखी थी, खासकर डब्ल्यूएचओ की इमरजेंसी हेल्थ सप्लाई। स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमले बंद होने चाहिए। नहीं तो, लोग जान बचाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर हो जाएंगे। युद्धों के भी नियम होते हैं। उनमें से एक यह है कि स्वास्थ्य की सुरक्षा होनी चाहिए!”
दूसरी तरफ यूक्रेन ने पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलों की हर महीने सप्लाई को लेकर अमेरिका के साथ एक समझौता किया है। हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का हवाला देते हुए उक्रिनफॉर्म न्यूज एजेंसी ने शनिवार को बताया कि यह सप्लाई अभी भी अपर्याप्त है।
बेलग्रेड में पत्रकारों से बात करते हुए जेलेंस्की ने पुष्टि की कि वाशिंगटन यूक्रेन को हर महीने इंटरसेप्टर मिसाइलें देगा। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मात्रा देश की हवाई सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी नहीं है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जेलेंस्की ने कहा कि 2026 में यूक्रेन को मिलने वाली इंटरसेप्टर मिसाइलों की संख्या 2025 की तुलना में कम होगी। हालांकि, उन्होंने कोई सटीक आंकड़ा नहीं बताया।
इससे पहले की रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन की राजधानी कीव में नाटो नेताओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेलेंस्की ने कहा था कि सहयोगियों से मिलने वाली मिसाइल इंटरसेप्टर की वास्तविक डिलीवरी में कमी आई है, जिसका मुख्य कारण मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष हैं।
जुलाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि रूस और यूक्रेन शांति समझौते के करीब पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के साथ अपनी हालिया बातचीत के बाद उन्हें विश्वास है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की अब युद्ध खत्म करना चाहते हैं।
नाटो समिट से पहले अंकारा में तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के साथ द्विपक्षीय बैठक से पहले बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पुतिन और जेलेंस्की दोनों के साथ लंबी बातचीत की है और उन्हें आने वाले हफ्तों में प्रगति की उम्मीद है।
–आईएएनएस
केके/पीएम
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