तेहरान, 31 मार्च (आईएएनएस)। ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले को एक महीना बीत चुका है। वर्तमान शासकों को पद से हटाने और ईरान के लोगों की मदद का दावा कर 28 फरवरी को एयर स्ट्राइक की गई। इस हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मृत्यु हो गई। मंगलवार को भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने एक्स पोस्ट के जरिए उनको याद किया और कुछ सवाल भी खड़े किए।
एक्स पोस्ट में फतहाली ने खामेनेई की विरासत को नमन करते हुए दावा किया कि उनकी सोच के कारण ही तमाम पाबंदियों के बावजूद ईरान आत्मनिर्भर है।
फतहाली ने कहा, “आत्मनिर्भरता, प्रतिरोध और स्वदेशी विकास—ये इमाम खामेनेई की तीन स्थायी और रणनीतिक विरासतें हैं। प्रतिबंधों के बावजूद, ईरान नैनोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट स्थान हासिल करने में सफल रहा है।”
राजदूत ने आगे दावा किया कि उस विरासत की ही बदौलत आज ईरान डटा खड़ा है और उसे नेस्तनाबूद करने की कोशिश नाकाम रही है। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “इस मार्ग पर चलने का परिणाम यह हुआ है कि दुनिया की सैन्य शक्तियां—हमारे विरुद्ध छेड़े गए एक अन्यायपूर्ण युद्ध के 30 दिन बीत जाने के बाद भी—अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में अब तक विफल रही हैं।”
28 फरवरी को यूएस-इजरायल के संयुक्त एयर स्ट्राइक से संघर्ष की शुरुआत हुई थी। उसी दिन एयर स्ट्राइक में खामेनेई के मारे जाने का दावा इजरायल की ओर से किया गया था। एक दिन बाद इजरायल ने उनके निधन की पुष्टि की थी। उनके साथ ही कई बड़े सैन्य अधिकारी भी हमले में मारे गए थे।
इसके बाद से ही ईरान और यूएस-इजरायल के बीच संघर्ष बढ़ गया। ईरान के कई बड़े शहरों को निशाना बनाया गया; जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों और केंद्रों को निशाना बनाया गया।
–आईएएनएस
केआर/
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