बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐलान किया है कि वह दिसंबर 2026 में भारत से अपने देश बांग्लादेश वापस लौटेंगी। उन्होंने कहा है कि उन्हें इस बात का पूरा अंदाज़ा है कि वहां पहुंचते ही उनकी गिरफ्तार हो सकती है या फिर उनकी हत्या भी की जा सकती है। इसके बावजूद भी वह अपने देश वापस जाएंगी और अदालत के सामने सरेंडर करेंगी। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शेख हसीन के साथ उनकी पार्टी ‘अवामी लीग’ के अन्य बड़े नेता भी बांग्लादेश वापस लौटेंगे और सरेंडर करेंगे।
“मुझे मौत ही आनी है, तो मेरी अपनी मिट्टी पर आए”
शेख हसीना ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें पूरा अंदाज़ा है कि उनके वतन वापस लौटने पर क्या होगा। शेख हसीना ने कहा कि “जब में वापस लौटूंगी, तो मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है। यहां तक कि मेरी हत्या भी की जा सकती है। लेकिन इसके बावजूद भी मुझे जाना ही होगा। मेरी पार्टी और कार्यकर्ताओं को इस समय बंगलदेश में भयानक अत्याचार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि “अगर मुझे मौत ही आनी है, तो मैं चाहती हूं कि वह मेरी अपनी मिट्टी पर आए, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं और जहां उनका खून बहा था।”
2024 में बांग्लादेश छोड़कर भारत आई
आपको बता दें कि 78 साल की शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में छात्रों के बड़े आंदोलन और तख्तापलट के बाद अपना देश छोड़कर भारत आ गई थीं, जहां उन्हें शरण दी गई। इसके बाद नवंबर 2025 में, बांग्लादेश की एक विशेष अदालत (इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल) ने 2024 के प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों और हिंसा के मामले में शेख हसीना को मौत की सजा सुना दी। हालांकि, शेख हसीना खुद पर लगे इन सभी आरोपों को हमेशा से गलत बताती रही हैं।























