तमिलनाडु के कन्नुर में बुधवार को हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बारे में अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि, भारत के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों के कड़े समर्थक थे और उन्होंने दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी को मजबूत करने में मदद की थी। विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बुधवार को अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम भारत में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य लोगों की मौत की खबर सुनकर बहुत दुखी हैं। जनरल रावत एक महत्वपूर्ण भागीदार थे। उन्होंने कहा, वह अमेरिका-भारत रक्षा साझेदारी के कड़े समर्थक थे। जनरल के परिवार, उस विमान में सवार सभी लोगों के परिवारों और जाहिर तौर पर भारत के लोगों के प्रति हम संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।
इस वर्ष अमेरिकी रक्षा मंत्री से मिले थे रावत : जॉन किर्बी
पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि, समस्त रक्षा विभाग की ओर से रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जनरल रावत के निधन के बाद रावत के परिवार, भारतीय सेना और भारत के लोगों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। किर्बी ने कहा, उन्होंने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी पर एक अमिट छाप छोड़ी है और वह भारतीय सशस्त्र सेनाओं के एकीकृत युद्धक क्षमता वाले संगठन के रूप में उभरने में केंद्रीय भूमिका में थे। उन्होंने पत्रकारों से कहा, रक्षा मंत्री को इस साल की शुरुआत में उनसे मिलने का मौका मिला था और वह उन्हें महत्वपूर्ण भागीदार और अमेरिका का मित्र मानते हैं।
अन्य अमेरिकी सांसदों ने भी जताया शोक
अमेरिका के कई शीर्ष सांसदों ने भी इस दुखद घटना में भारतीय जनरल की मौत पर शोक जताया है। सीनेटर रिक स्कॉट ने कहा, मैं जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य चालक दल के सदस्यों और यात्रियों की दुखद मृत्यु पर शोकाकुल नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। भारत मजबूत है और दुख की इस घड़ी में अमेरिका आपके साथ खड़ा है। सीनेटर बिल हागर्टी ने कहा, भारतीय सशस्त्र सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य लोगों की दुखद मृत्यु के बाद मैं भारत के लोगों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। उनके परिवारों के प्रति मेरी सहानुभूति है।


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