विश्व में फैली कोरोना महामारी का संक्रमण इंसान के साथ-साथ जानवरों में भी पाया गया। दुनिया के कई देशों से ऐसे मामले सामने आए, जहां जानवरों में कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई। जानवरों में संक्रमण को देखते हुए अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को बे एरिया के चिड़ियाघर में बाघ (Tiger), भालू (Bear) और गंधबिलाव (Viverra) को प्रायोगिक तौर पर कोविड-19 रोधी टीके लगाए गए। पशुओं की प्रजातियों को कोरोना वायरस से सुरक्षा प्रदान करने के राष्ट्रीय अभियान के तहत टीकाकरण हुआ।
‘सैन फ्रांसिस्को क्रोनिकल’ की शनिवार की खबर के अनुसार ओकलैंड चिड़ियाघर में बाघ जिंजर और मॉली पहले दो पशु हैं जिन्हें इस हफ्ते कोरोना वायरस का टीका लगाया गया। टीके की ये खुराक न्यू जर्सी में पशु दवा कंपनी जोएटिस ने विकसित और दान की है।
चिड़ियाघर में पशु सेवा की उपाध्यक्ष एलेक्स हरमन ने बताया कि किसी भी पशु को कोविड-19 नहीं हुआ था लेकिन वे एहतियात बरतना चाहते थे। बाघ, काले और भूरे भालू, पहाड़ी शेर और गंध बिलाव को पहले जीव हैं जिन्हें टीके की पहली खुराक दी गयी है। इसके बाद स्तनपायी जानवरों और सुअरों को टीका दिया जाएगा।
एक प्रेस विज्ञप्ति में हरमन ने कहा कि चिड़ियाघर में सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करने के लिए अवरोधकों का इस्तेमाल किया जा रहा है और कर्मी संवेदनशील प्रजातियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षात्मक परिधान पहनते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें खुशी और राहत है कि पशुओं को टीका लग जाने से अब हम उनकी बेहतर सुरक्षा कर पाएंगे।’’
विज्ञप्ति के अनुसार जोएटिस ने 27 राज्यों में 70 से अधिक चिड़ियाघरों के पशुओं के लिए 11,000 से अधिक टीके की खुराक दान की है। सैन डिएगो चिड़ियाघर ने जनवरी में पशुओं के टीकाकरण की शुरुआत की थी। बड़े वानरों के डीएनए मानव के डीएनए से 98 प्रतिशत मेल खाते हैं। गोरिल्ला, बाघ, शेर, पालतू बिल्ली और कुत्तों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि भी हुई है।


Download Android App
Download iOS App



