वॉशिंगटन, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पर्चे वाली दवाओं की कीमतों को कम करने के लिए प्रमुख फार्मास्युटिकल कंपनियों के साथ व्यापक समझौतों की घोषणा की और इसे “हमारे देश के इतिहास में दवाओं की कीमतों में सबसे बड़ी कटौती” बताया।
व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि प्रमुख कंपनियों में से एक रीजेनेरॉन, “मोस्ट फेवर्ड नेशन” कीमतों पर दवाएं देने के लिए सहमत हो गई है। उन्होंने कहा, “कीमतें ऐसे स्तर तक गिरेंगी, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।”
उन्होंने कहा, “इस घोषणा के साथ, दुनिया की 17 सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियाँ, जो ब्रांडेड दवाओं के बाजार के 80 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करती हैं, अब अमेरिकी मरीजों को दुनिया में कहीं भी मिलने वाली सबसे कम कीमतों पर अपनी दवाएं बेचने के लिए सहमत हो गई हैं।”
ट्रंप ने तर्क दिया कि अमेरिकी लंबे समय से अत्यधिक कीमतें चुकाते रहे हैं। उन्होंने कहा, “दशकों से अमेरिकियों को पर्चे वाली दवाओं के लिए दुनिया में सबसे ज्यादा कीमतें चुकाने के लिए मजबूर किया गया है।”
स्वास्थ्य और मानव सेवा सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने इस कदम का समर्थन करते हुए इसे लंबे समय से जारी “लूट” के खिलाफ कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, जो “दुनिया की आबादी का 4.2 प्रतिशत” है, फार्मास्युटिकल उद्योग के “75 प्रतिशत मुनाफे” का स्रोत रहा है।
सेंटर्स फॉर मेडिकेयर एंड मेडिकेड सर्विसेज के प्रशासक मेहमत ओज़ ने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य दवाओं को सस्ता बनाना है। उन्होंने कहा, “हर तीन में से एक अमेरिकी…अक्सर बिना दवा लिए ही लौट जाता है क्योंकि वह दवाएं खरीदने में सक्षम नहीं होता।”
प्रशासन ने कुछ खास कीमतों में कटौती का भी उल्लेख किया, जिसमें एक कोलेस्ट्रॉल की दवा की कीमत “537 डॉलर से घटकर 225 डॉलर” और एक वजन घटाने की दवा की कीमत “1,350 डॉलर प्रति माह से घटकर 199 डॉलर प्रति माह तक” होने की बात कही गई।
रीजेनेरॉन के सीईओ लियोनार्ड श्लाइफ़र ने कहा कि कंपनी वैश्विक मूल्य संतुलन के प्रयासों का समर्थन करती है। उन्होंने कहा, “हमें यहां आने के लिए मजबूर नहीं किया गया। हम यहां आकर खुश हैं क्योंकि यह दवाओं की कीमतें कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
कंपनी ने एक दुर्लभ प्रकार के बहरापन के लिए जीन थेरेपी की भी घोषणा की, जिसे पात्र बच्चों को कुछ समय तक मुफ्त प्रदान किया जाएगा। जॉर्ज यानकोपोलोस ने इस उपचार को “अपने तरह की पहली जीन थेरेपी… जिससे ट्रैविस अब अपनी माँ की आवाज सुन सकता है” बताया।
सिएरा स्मिथ, जिनके दो साल के बेटे को यह थेरेपी दी गई, ने इस परिणाम को “बेहद अद्भुत” बताया और कहा, “अब वह सुन सकता है… यह जीवन बदल देने वाला है।”
वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक ने कहा कि यह नीति घरेलू विनिर्माण से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा, “इसका मतलब है कि 448 अरब डॉलर का दवा निर्माण अमेरिका में आएगा।”
व्हाइट हाउस ने कहा कि ये समझौते अब ब्रांडेड फार्मास्युटिकल बाजार के लगभग 86 प्रतिशत हिस्से को कवर करते हैं और आगे भी बातचीत जारी है।
–आईएएनएस
पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



