अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के कार्यवाहक प्रधानमंत्री मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के नेतृत्व में नए गृहमंत्री के रूप में नामित, कुख्यात हक्कानी नेटवर्क के सिराजुद्दीन हक्कानी। को लेकर अमेरिका के न्याय विभाग ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 लाख डॉलर तक का इनाम रखा है। तालिबान का एक शीर्ष नेता हक्कानी, जिसके बारे में कहा जाता है कि उसने 40 साल की उम्र में अपने पिता जलालुद्दीन हक्कानी को हक्कानी नेटवर्क के नेता के रूप में सफल किया था। उस पर अफगानिस्तान में कुछ सबसे हिंसक हमलों का आरोप लगाया गया है और उसे अमेरिका द्वारा आतंकवादी नामित किया गया है।
एफबीआई की वेबसाइट पर एक पोस्टर के अनुसार, सिराजुद्दीन हक्कानी को भूरी या काली आंखों वाला, काले बालों वाला व्यक्ति, 5 फीट 7 इंच लंबा, मध्यम आकार और 150 पाउंड वजन, हल्का और झुरीर्दार रंग और अरबी बोलने वाला बताया गया है। उसके उपनाम हैं- सिराज, खलीफा, मोहम्मद सिराज, सरजादीन, सिरोदजिद्दीन, सेराज, अरकानी, खलीफा (बॉस) साहिब, हलीफा, अहमद जिया, सिराजुद्दीन जलालौदीन हक्कानी, सिराज हक्कानी, सेराजुद्दीन हक्कानी, सिराज हक्कानी, और सरज हक्कानी।
अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि वह जनवरी 2008 में काबुल के एक होटल में हुए हमले के सिलसिले में पूछताछ के लिए वांछित है, जिसमें एक अमेरिकी नागरिक सहित छह लोग मारे गए थे। माना जाता है कि उसने संयुक्त राज्य अमेरिका और अफगानिस्तान में गठबंधन बलों के खिलाफ सीमा पार हमलों में समन्वय और भाग लिया था। हक्कानी कथित तौर पर 2008 में अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई पर हत्या के प्रयास की योजना में भी शामिल था, लेकिन चेतावनी देता है कि उसे सशस्त्र और खतरनाक माना जाना चाहिए।
कहा गया है, “संयुक्त राज्य अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट का रिवार्डस फॉर जस्टिस प्रोग्राम के तहत सिराजुद्दीन हक्कानी की गिरफ्तारी की सीधे सूचना देने वाले को 50 लाख डॉलर तक का इनाम दिया जाएगा।” हालांकि, हक्कानी ने पिछले साल दोहा समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले न्यूयॉर्क टाइम्स में अपनी राय लिखी थी, “चार दशकों से अधिक समय से, हर दिन कीमती अफगान जीवन खो रहे हैं। हर किसी ने अपना प्यार खो दिया है। हर कोई युद्ध से थक गया है। मुझे विश्वास है कि हत्या और अपंगता रुकनी चाहिए।”
तालिबानी कैबिनेट पर चिंतित है अमेरिका
अमेरिका ने अफगानिस्तान में अंतरिम सरकार बनाने वाले आतंकवादी संगठन तालिबान के कई नव-घोषित कैबिनेट सदस्यों की संबद्धता और ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ को लेकर चिंता जताई है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘हमने गौर किया है कि नामों की घोषित सूची में विशेष रूप से कई ऐसे व्यक्ति शामिल हैं जो तालिबान के सदस्य हैं या उनके करीबी सहयोगी हैं और कोई महिला नहीं है। हम कुछ व्यक्तियों की संबद्धता और ट्रैक रिकॉर्ड से भी चिंतित हैं।’’
गौरतलब है कि तालिबान ने मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के नेतृत्व में कल अपनी कार्यवाहक सरकार के गठन की घोषणा की, जिस पर संयुक्त राष्ट्र ने 2001 से प्रतिबंध लगा रखा है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जो बाइडन प्रशासन समझता है कि तालिबान कैबिनेट को एक अस्थायी कार्यवाहक सरकार के रूप में पेश किया गया है, लेकिन समूह को उनके कार्यों के आधार पर आंका जाएगा। अमेरिकी अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने अपनी उम्मीद स्पष्ट कर दी है कि अफगानी लोग एक समावेशी सरकार के हकदार हैं।
अमेरिका तालिबान को विदेशी नागरिकों और अफगान सहयोगियों को देश छोड़ने के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करने की उनकी प्रतिबद्धताओं पर कायम रखेगा। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका ने अपनी यह अपेक्षा दोहरायी भी है कि तालिबान देश को आतंकवादियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बनने से रोकेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि अफगानिस्तान में मानवीय सहायता की अनुमति दी जाये।


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