विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एस्ट्राजेनेका के कोरोना वायरस टीके को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। इस कदम से संयुक्त राष्ट्र समर्थित ‘कोवैक्स’ कार्यक्रम के तहत दुनिया के अति संवेदनशील इलाकों तक टीके की लाखों खुराकों को पहुंचाने का अभियान तेज हो सकेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक बयान में कहा कि वह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और दक्षिण कोरिया के एस्ट्राजेनेका-एसकेबायो द्वारा निर्मित एस्ट्राजेनेका टीके को मंजूरी दे रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की इस स्वास्थ्य एजेंसी ने पिछले साल दिसंबर में फाइजर-बायोएनटेक के टीके को मंजूरी दी थी जिसके बाद इसने अब एस्ट्राजेनेका के टीके को हरी झंडी दिखा दी है। इस घोषणा की वजह से अब उन देशों में टीके की लाखों खुराक पहुंचाने के काम को गति मिल जानी चाहिए, जो संयुक्त राष्ट्र समर्थित कोवैकस प्रयास में शामिल हैं।
इसके तहत दुनिया के सबसे ज्यादा संवेदनशील इलाकों और लोगों तक टीके पहुंचाए जाएंगे। दवा और चिकित्सा उत्पादों तक पहुंच के लिए डब्ल्यूएचओ की सहायक महानिदेशक डॉक्टर मारियांजेला सिमाओ ने कहा कि अब तक जिन देशों तक टीके की पहुंच नहीं हो पाई थी, अब वहां भी स्वास्थ्य कर्मियों और संक्रमण के बेहद खतरे का सामना कर रहे लोगों को टीके लग सकेंगे।


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