आईआईटी मद्रास के जांजीबार कैंपस की सफलता के बीच राष्ट्रपति म्विनयी की भारत यात्रा अहम

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नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। जंजीबार के राष्ट्रपति और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हुसैन अली म्विनयी 17 से 20 जुलाई तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। भारत के उपराष्ट्रपति के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा में राष्ट्रपति म्विनयी के साथ उनकी पत्नी और मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा। उनके दौरे का आगाज चेन्नई से होगा, यहां वो दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के दौरान राष्ट्रपति म्विनी भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात करेंगे। इस दौरान भारत और तंजानिया के बीच संबंधों…

नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। जंजीबार के राष्ट्रपति और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हुसैन अली म्विनयी 17 से 20 जुलाई तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। भारत के उपराष्ट्रपति के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा में राष्ट्रपति म्विनयी के साथ उनकी पत्नी और मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा। उनके दौरे का आगाज चेन्नई से होगा, यहां वो दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के दौरान राष्ट्रपति म्विनी भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात करेंगे। इस दौरान भारत और तंजानिया के बीच संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर चर्चा होगी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी जंजीबार के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।

राष्ट्रपति म्विनयी अपनी यात्रा के दौरान चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के 63वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि आईआईटी मद्रास के जंजीबार परिसर ने अक्टूबर 2023 में स्थापना के बाद सफलतापूर्वक दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह परिसर भारत की वैश्विक शैक्षणिक पहुंच और अफ्रीका के साथ सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

राष्ट्रपति म्विनयी 17 जुलाई को चेन्नई पहुंचेंगे और इसके बाद 18 जुलाई की रात नई दिल्ली पहुंचेंगे। 19 जुलाई को उनका विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के साथ मुलाकात का कार्यक्रम है। वह राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे।

भारत और तंजानिया के बीच लंबे समय से मजबूत मित्रता और सहयोग के संबंध रहे हैं। दोनों देश वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) के साझेदार के रूप में व्यापार, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण और विकास सहयोग सहित कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति म्विनयी की आगामी यात्रा से भारत-जांजीबार और व्यापक भारत-तंजानिया संबंधों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच आपसी हितों पर आधारित साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।

–आईएएनएस

केआर/

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