बिहार के अररिया जिले में 35 वर्षीय पत्रकार विमल कुमार यादव की प्रेमनगर गांव में शुक्रवार 18 अगस्त के दिन बदमाशो ने मिलकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। जहां बिहार पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। वहीँ इस मामले की जानकारी देने के लिए अररिया जिले के एसपी शनिवार 19 अगस्त को सुबह 11:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।
बिहार पुलिस का बयान आया सामने
बिहार पुलिस के द्वारा शुक्रवार के दिन इस मामले ट्वीट करके बताया गया कि “हमलावरों ने सुबह करीब 5:30 बजे विमल यादव के घर का दरवाजा खटखटाया और जैसे ही विमल यादव ने दरवाजा खोला, हमलावरों ने गोलीबारी शुरू कर दी इससे यादव की मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही सूचना तुरंत जिला पुलिस प्रमुख और संबंधित थाने के प्रभारी घटना स्थल वहां पहुंचे। अररिया के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया “शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हमारी जांच जारी है, बताया जा रहा है की विमल यादव का पड़ोसी के साथ पुराना विवाद था हम सभी पहलुओं की अच्छी तरह से जांच कर रहे हैं”, वही इस घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि “मुझे वास्तव में बहुत दुख हुआ है और मैं तुरंत संबंधित अधिकारियों को घटना की जांच करने के लिए आदेश दे दिया हुं।
बीजेपी ने बिहार सरकार को जमकर घेरा
वहीं अब इस मामले में बिहार के बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा “अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं औऱ बिहार में निर्दोष नागरिकों और पत्रकारों और यहां तक की पुलिस की भी हत्या कर दी जाती है। सम्राट चौधरी ने आगे कहा की अररिया में जो हुआ वाकई दुखद है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद प्रमुख लालू यादव के नेतृत्व में “घमंडियां महागठबंधन” के राज्य में सरकार बनने के बाद ऐसी घटनाएं आम बात है। वही इस मामले को लेकर “लोक जनशक्ति पार्टी” के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, ‘नीतीश कुमार और उनके सहयोगी चिल्लाते रहते हैं कि बिहार में लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। लेकिन वे चौथे स्तंभ की रक्षा करने में असमर्थ हैं।’


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