मुंगेर : बेगूसराय लोकसभा चुनाव का चौथा चरण 29 अप्रैल को होना है मुंगेर लोकसभा क्षेत्र राजा कर्ण की धरती के नाम से जाना जाता है। मुंगेर मीर कासिम का किला, पीर साह का गुम्बद, शाह शुजा का महल, सीता कुंड आदि से जाना जाता है। आधुनिक युग में मुंगेर को हथियार बनाने वाला शहर भी कहा जाता है। पिछले दिन देश के सुर्खियों में 45 रायफल की बरामदगी की थी जहां मुंगेर नक्सली क्षेत्र माना भी जाता है। इस क्षेत्र में कुल मतदाता 17 लाख 19 हजार 937 है। जिसमें अब तक मतदान का रूझान 50-60 का प्रतिशत चलता है। इस बार करीब 9-10 लाख मतदान अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
2014 में भी जदयू उम्मीदवार राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह जिन्हें 2,43,827 वोट मिले, वहीं लोजपा उम्मीदवार वीणा देवी पूर्व सांसद सूरजभान की पत्नी 3,52,911 वोट मिले थे। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में मोकामा के निर्दलीय विधायक अनंत सिंह जिन्हें क्षेत्र का छोटे राजा एवं बाहुबली के नाम से जाना जाता है उन्होंने अपनी पत्नी नीलम देवी को चुनाव में महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी हैं। इनके समर्थन में कांग्रेस के बड़े नेता चुनाव प्रचार में जुटे हैं। वहीं एनडीए उम्मीदवार वर्तमान में बिहार सरकार के मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन ङ्क्षसह हैं। जिनके प्रचार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भागलपुर में भी आये और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उनके समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
ललन सिंह के सामने नीलम देवी अंजान मालूम पड़ती है लेकिन आनंद सिंह की पत्नी होने के बाद यह सीट हाई प्रोफाइल सीट हो गया। एक तरफ डबल इंजन के उम्मीदवार राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह चुनाव लड़ रहे हैं वहीं महागठबंधन के कांग्रेस उम्मीदवार नीलम देवी चुनाव लड़ रही है। पंजाब केसरी के संवाददाता द्वारा कुछ विधानसभा क्षेत्रों में दौरा करने पर ग्रामीणों ने बताया कि अभी हमलोग कुछ नहीं बतायेंगे, लेकिन अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करेंगे। मुंगेर लोकसभा में छह विधानसभा क्षेत्र- बाढ़, मोकामा, सूर्यगढ़ा, जमालपुर, मुंगेर और लखीसराय क्षेत्र है। इन छह विधानसभाओं में राजीव रंजन उर्फ ललन ङ्क्षसह भी ग्रामीण क्षेत्र में जाकर अपने विकास की गाथा लोगों को सुना रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी क्षेत्र में काफी विकास कार्य करने का काम किया है।
मुंगेर की धरती नक्सली क्षेत्र जरूर है लेकिन यह बुद्धिजीवियों की धरती रही है यहां पर राजा मीर कासिम ने राज किया। इस क्षेत्र में 29 अप्रैल को मतदान होना है यहां के सभी मतदाताओं का मन टटोलन के लिए एनडीए उम्मीदवार दिन-रात एक करते हुए जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। 23 मई को मतदान के बाद ही प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। मिला-जुलाकर राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह एवं नीलम देवी के बीच आमने-सामने की टक्कर होगी। एक तरफ जनता विकास के नाम पर नीतीश कुमार और नरेन्द्र मोदी को वोट देना चाहते हैं। लोगों का कहना है कि सच्चा है मगर अच्छा है फिर नीतीश के साथ चलें। 2019 के जातीय जनगणना के अनुसार लगभग भूमिहार साढ़े तीन से चार लाख, यादव दो से ढ़ाई लाख, धानुक डेढ़ से दो लाख, अल्पसंख्यक एक लाख, मल्लाह-सहनी एक लाख 25 हजार, वैश्य सवा लाख, कुर्मी और कुशवाहा लगभग 80 हजार हैं। यहां का मुख्य वोट भूमिहार, यादव, धानुक एवं मल्लाह वोट है।


Download Android App
Download iOS App



