नीतीश सरकार को लगा बड़ा झटका, पटना हाईकोर्ट ने बिहार में जाति आधारित जनगणना पर लगाई रोक

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पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को बिहार में जाति गणना और आर्थिक सर्वेक्षण पर अंतरिम रोक लगा दी. बिहार में जातियों की गणना और आर्थिक सर्वेक्षण पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर बुधवार को पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी की और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को बिहार में जाति गणना और आर्थिक सर्वेक्षण पर अंतरिम रोक लगा दी. बिहार में जातियों की गणना और आर्थिक सर्वेक्षण पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर बुधवार को पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी की और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. कल की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश केवी चंद्रन की खंडपीठ ने अखिलेश कुमार और अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार, रितु राज व अभिनव श्रीवास्तव व राज्य की ओर से महाधिवक्ता पीके शाही ने पक्षकारों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया.
सामाजिक स्तर को ठीक करने के लिए कराई जा रही थी जातिगत गणना
दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार जातिगत और आर्थिक सर्वे करा रही है. उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण करने का यह अधिकार राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। बुधवार को सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता पीके शाही ने कहा कि जनकल्याण की योजना बनाने और सामाजिक स्तर को सुधारने के लिए सर्वे कराया जा रहा है. बिहार सरकार ने 7 जनवरी को जाति सर्वेक्षण अभ्यास शुरू किया।

Desk Team