Bihar Caste Census: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जातिगत जनगणना का मामला, क्या लगेगी रोक?

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बिहार में जाति-आधारित सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करने वाले पटना हाई कोर्ट के हालिया आदेश के खिलाफ गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई….

बिहार में जातिगत जनगणना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करने वाले पटना हाई कोर्ट के हालिया आदेश के खिलाफ गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ताओं में से एक, अखिलेश कुमार ने वकील तान्या श्री के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है, जिसमें मंगलवार को पारित हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है।
पटना हाईकोर्ट ने दी थी जातिगत गणना को हरी झंडी
पटना हाई कोर्ट ने 1 अगस्त को पारित अपने फैसले में कई याचिकाओं को खारिज करते हुए, नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को बिहार में जातिगत जनगणना के लिए हरी झंडी दे दी। इससे पहले 4 मई को उसने सर्वेक्षण पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया था जो 7 जनवरी को शुरू हुआ था और 15 मई को पूरा होने वाला था।
हाई कोर्ट के समक्ष दायर याचिकाओं में तर्क दिया गया कि सर्वेक्षण केवल केंद्र द्वारा किया जा सकता है और बिहार सरकार चुनावों में फायदा पाने के लिए ऐसा कर रही है। हाई कोर्ट ने मंगलवार को याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा, हम राज्य की कार्रवाई को पूरी तरह से वैध पाते हैं, जिसे ‘न्याय के साथ विकास’ प्रदान करने के वैध उद्देश्य के साथ उचित क्षमता के साथ शुरू किया गया है।

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