कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां 5 अप्रैल तक रद्द

Summary :

कई अन्य राज्यों में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार तेजी से हो रही वद्धि और होली पर्व के मद्देनजर बिहार सरकार कोरोना को लेकर सजग है।

कई अन्य राज्यों में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार तेजी से हो रही वद्धि और होली पर्व के मद्देनजर बिहार सरकार कोरोना को लेकर सजग है। इस बीच, राज्य में सभी स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां पांच अप्रैल तक रद्द कर दी गई हैं। इधर, गुरुवार को बिहार में भी 100 से ज्यादा कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। 
राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में गुरुवार को एक दिन में 107 नए मामले सामने आए हैं। राज्य में करीब 40 दिनों के बाद नए संक्रमितों की संख्या 100 के पार पहुंची हैं। राज्य में बुधवार को 58 नए मामले सामने आए थे। 
विभाग के मुताबिक गुरुवार को मिले आंकडों के मुताबिक राज्य में फिलहाल कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 405 है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोविड 19 से संक्रमणमुक्त होने की दर 99.26 प्रतिशत है। इस बीच, स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वस्थ्यकर्मियों की छुट्टियां पांच अप्रैल तक रद्द कर दी हैं। जो स्वास्थ्यकर्मी अवकाश पर हैं, उन्हें भी तत्काल काम पर लौटने के लिए कह गया है। 
इससे पहले बुधवार को कोरोना वायरस की स्थिति पर मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने जांच की गति तेज करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा था कि दैनिक परीक्षणों की संख्या को फिर से 70,000 तक ले जाने का फैसला किया गया है। 
बिहार में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन हमें सावधान रहना चाहिए। सभी को कोरोना गाइड लाइन फॉलो करनी चाहिए। इधर, विभाग ने उत्तर बिहार के तीनों मेडिकल कॉलेजों एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर, दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल और बेतिया के मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। 

Ujjwal Jain