विधानसभा में प्रश्नकाल समाप्त होने के तुरंत बाद भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी के सत्यदेव राम ने कहा कि राज्य में साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षक अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं लेकिन सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही है।
हड़ताल के कारण पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह से ठप है। सरकार उनकी मांगे पूरी करे और हड़ताल को समाप्त कराए। इसके समर्थन में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सदस्य भी अपनी सीट से ही खड़े होकर शोरगुल करने लगे।
शोरगुल के बीच विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने शून्यकाल की सूचना पढ़ने के लिए सदस्यों का नाम पुकारा। इसके बाद भाकपा माले और राजद के सदस्य शोरगुल और नारेबाजी करते हुए सदन के बीच में आ गए। शोरगुल के बीच ही RJD के समीर कुमार महासेठ ने शून्यकाल की अपनी सूचना पढ़ हालांकि उन्हें RJD के कुछ सदस्यों ने ऐसा नहीं करने का आग्रह किया लेकिन वह नहीं माने।
श्री महासेठ शून्यकाल की सूचना पढ़ने के बाद ही सदन के बीच में आए और सरकार के खिलाफ नारे लगाये। RJD और माले के सदस्य ‘‘ जो सरकार निकम्मी है वह सरकार बदलनी है, शिक्षकों की मांग माननी होगी ’’ के नारे लगा रहे थे।
वहीं CPI माले के सुदामा प्रसाद हाथों में पोस्टर लिए हुए थे जिसमें ‘‘कन्हैया कुमार से देशद्रोह का मुकदमा वापस लो लिखा था।’’विधानसभा अध्यक्ष ने शोरगुल के बीच ही शून्यकाल को पूरा
कराया।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संजय सरावगी ने ध्यानाकर्षण की सूचना पढ़ लेकिन इस पर मंत्री ने जवाब देने के लिए समय मांग लिया । वहीं RJD के शिवचंद, राम को सभा अध्यक्ष ने ध्यानाकर्षण सूचना पढ़ने के लिए कहा लेकिन उन्होंने सूचना नहीं पढ़। इसके बाद सभाध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही दो बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी।


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