50 की उम्र में राजनीति में एंट्री ? बिहार की गलियों में निशांत की चर्चा क्यों, उत्तराधिकारी या JDU की मजबूरी

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Bihar Today News :  बिहार में सियासी उबाल मचा हुआ है। नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद जेडीयू में हंगामा है। कार्यकर्ता जेडीयू ऑफिस के बाहर धारणा प्रदर्शन कर रहे हैं। जब से नीतीश ने राज्यसभा जाने का फैसला लिया है तब से राज्य का सियासी उफान जोरों पर है। इस बीच एक नाम बिहार में खूब चर्चा में है – निशांत कुमार। बता दें निशांत कुमार नीतीश कुमार के बेटे हैं। सभी की नजरें निशांत कुमार पर बनी हुई है। ताकि जेडीयू को उत्तराधिकार मिल सके। कुछ नेताओं का मानना भी है कि नीतीश के बाद पार्टी…

Bihar Today News :  बिहार में सियासी उबाल मचा हुआ है। नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद जेडीयू में हंगामा है। कार्यकर्ता जेडीयू ऑफिस के बाहर धारणा प्रदर्शन कर रहे हैं।

जब से नीतीश ने राज्यसभा जाने का फैसला लिया है तब से राज्य का सियासी उफान जोरों पर है। इस बीच एक नाम बिहार में खूब चर्चा में है – निशांत कुमार।

बता दें निशांत कुमार नीतीश कुमार के बेटे हैं। सभी की नजरें निशांत कुमार पर बनी हुई है। ताकि जेडीयू को उत्तराधिकार मिल सके। कुछ नेताओं का मानना भी है कि नीतीश के बाद पार्टी की कमान निशांत के कंधों पर रहेगी तो ज्यादा सेंट्रलाइज पावर रहेगी। ऐसे में जेडीयू नेता में गुट बनने के आसार कम होंगे।

उत्तराधिकारी या पार्टी मजबूरी?

बता दें, 50 साल के निशांत कुमार, नीतीश कुमार के इकलौते बेटे हैं. वे सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से लगभग दूर ही रहे हैं. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है.

वे सक्रिय राजनीति में नहीं हैं और न ही किसी पार्टी पद पर हैं. मगर समय-समय पर उनके राजनीति में आने की अटकलें लगती रही हैं, पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद भी वह कई मौकों पर नीतीश कुमार के साथ नज़र आए और मीडिया से रूबरू भी हुए.

लेकिन अब तक उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई राजनीतिक भूमिका नहीं निभाई है. नीतीश कुमार के राज्य सभा में जाने के फैसले के बाद संभव है कि निशांत कुमार को पार्टी कमान की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यह जेडीयू की तरह से बड़ा दाव होगा, हालांकि इससे खुद नीतीश – निशांत पर भी वंश वाद को बढ़ावा देने की बात उछलेगी, जिसका वे व भाजपा अक्सर मुद्दा बनाती रही है।

ऐसे में कहा जा रहा है कि हो सकता है निशांत कुमार राजनीति में एंट्री ले सकते हैं, मगर यह पार्टी की मजबूरी भी बताई जा रही है क्योंकि निशांत कुमार भले रजनीतिक परिवार से हैं मगर उन्हे राजनीति में कोई अनुभव नहीं है। इस बीच जानिए निशांत का नीतीश के बेटे होने के अलावा क्या बैकग्राउंड है।

राजनीति से दूरी

निशांत कुमार ने अपने पिता की तरह तकनीकी शिक्षा हासिल की है। उनकी शुरुआती पढ़ाई पटना के सेंट करेन स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने मसूरी के मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल से आगे की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने झारखंड के प्रतिष्ठित BIT मेसरा, रांची से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की।

पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उन्होंने राजनीति से दूरी बनाए रखी और सार्वजनिक जीवन में कम ही सक्रिय दिखाई दिए। बताया जाता है कि निशांत को अध्यात्म और शांत जीवन पसंद है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री का बेटा होने के बावजूद वे लंबे समय तक राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहे।

अभी हैं अविवाहित

निशांत कुमार का जन्म 20 जुलाई 1975 को हुआ था। वे नीतीश कुमार और मंजू सिन्हा के इकलौते बेटे हैं। उनकी मां मंजू सिन्हा का निधन वर्ष 2007 में हो गया था। करीब 50 वर्ष के हो चुके निशांत अब तक अविवाहित हैं। वे ज्यादातर समय पटना में ही रहते हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बहुत कम दिखाई देते हैं।

हाल फिलहाल में जरूर वे राजनीतिक कार्यक्रमों में दिखाई दिए, मगर उनकी राजनीति में आने की बस अटकलें ही लगती रही हैं। अब सवाल यह कि क्या वे राजनीति में आएंगे?

फिलहाल ऐसा संभव दिखाई दे रहा है कि वे जेडीयू में अहम भूमिका निभाएं, क्योंकि पिता नीतीश कुमार अब राज्यसभा जा रहे हैं, ऐसे में बिहार में पार्टी की कमान ऐसे व्यक्ति को दी जा सकती है जो केंद्रीयकृत तरीके से पार्टी चला सकते, ऐसे में निशांत कुमार बड़ा फैक्टर जरूर नजर आ रहे हैं।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।