बिहार के नवगठित महागठबंधन की सरकार में कानून व्यवस्था खत्म भाजपा

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पटना पंजाब केसरी बिहार में एनडीए ने सुशासन और अपराधमुक्त की राजनीति करती रही लेकिन जनादेश का अपमान कर महागठबंधन की सरकार बनाने से कानून राज्य की व्यवस्था खत्म हो गई है और बिहार की जनता में भय की साये में जीने पर जीने पर मजबूर है।

पटना  पंजाब केसरी:  बिहार में एनडीए ने सुशासन और अपराधमुक्त की राजनीति करती रही लेकिन जनादेश का अपमान कर महागठबंधन की सरकार बनाने से कानून राज्य की व्यवस्था खत्म हो गई है और बिहार की जनता में भय की साये में जीने पर जीने पर मजबूर है ये बातें भाजपा के प्रवक्ता सह विधान पार्षद देवेश कुमार ने प्रेसवार्ता में कहीं उन्होंने कहा कि जीस वक्त महागठबंधन के नव गठित सरकार में मंत्री पद के राजद विधान पार्षद कार्तिकेय मास्टर को शपथ दिलाई जा रही थी उसी समय कोर्ट ने सरेंडर करना था लेकिन वे सरेंडर नहीं किया बिहार की विधि को अपराधियों के हवाले कर दिया गया।
महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से ही लगातार कानून राज की सपना दिखने लगा चाहे आनंद मोहन से जुडा हुआ मामला हो या कार्तिकेय मास्टर से जुडा हुआ मामला हो नीतीश सरकार की सुशासन की पोल खुल गयी है बिहार में राजद भय, कुशासन और भ्रष्टाचार का पर्याय रही है और उसका मांडल बिहार में स्थापित हो गया है क्योंकि 88 प्रतिशत मंत्री गम्भीर आरोप में लिप्त है ऐसे में एनडीए सरकार में फलता फूलता औधोगिक निवेश कुंद हो जायेगा और उसकी जगह 2005 के पूर्व वाला अपहरण का कारोबार पुण एक उधोग के रूप में स्थापित हो जायेगा संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित निखिल आनंद पूर्व विधायक मनोज शर्मा राकेश कुमार प्रमोद पाठक

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