पटना, (पंजाब केसरी) :नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि अब जब केंद्र सरकार ने हमारी लगातार मांग और जन दबाव के आलोक में नीतिगत फैसला लेते हुए बाहर फंसे हुए मजदूरों और बच्चों को लाने की अनुमति दे दी है तो बिहार सरकार को अविलंब बिना किंतु-परन्तु अप्रवासी बिहारी श्रमवीरों को बिहार लाने की तत्काल व्यवस्था में युद्धस्तर पर लग जाना चाहिए। सरकार से आग्रह करूंगा की देश के हरेक कोने कश्मीर से केरल और असम से लेकर गुजरात में फंसे हुए प्रत्येक बिहारी को सकुशल और ससम्मान उनके घर तक पहुंचाना कर्तव्य के साथ जि़म्मेदारी भी है। चूंकि ये गरीब मजदूर वर्ग के लोग हैं तो पूर्व की भांति इनके साथ कोई बदइंतजामी नहीं होनी चाहिए।
श्री यादव ने कहा कि बाहर फंसे मजदूरों के स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधित सभी मानकों का अनुपालन करते हुए उनकी यात्रा, भोजन और राशन का उचित प्रबंध कर सभी की सकुशल वापसी अवश्य सुनिश्चित करें। आशा है अब बिहार सरकार संसाधनों का रोना नहीं रोकर, गृह मंत्रालय के निर्देशों के आलोक में केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों से समन्वय स्थापित कर उनके लिए तुरंत बसों का प्रबंध कर वापस बुला लेगी। इन सभी बिहारवासियों को प्रस्थान से पहले चिकित्सीय परीक्षण और बिहार आगमन पर पुन: स्वास्थ्य जांच, इलाज़ और अच्छे क्वॉरंटीन केंद्रों में की क्वॉरंटीन की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
जनादेश का जदयू किया अपमान:तेजस्वी यादव
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर यूपी सरकार महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में फसे अपने राज्यवासियों को बसों द्वारा वापस बुला सकती है तो बिहार सरकार क्यों नहीं? जनादेश की डक़ैती कर बनी ड़बल इंजन सरकार क्या गरीबों के लिए इतना भी नहीं कर सकती। मुख्यमंत्री स्वयं जवाब दें।


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