लॉकडाउन के बीच विभिन्न प्रदेशों में फंसे प्रवासी मजदूर अपने घर लौट रहे है। बिहार में मजदूरों के घर वापसी को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं अब लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर उनसे प्रदेश के बाहर फंसे लोगों की घर वापसी में मदद करने की अपील है।
चिराग ने अपने पत्र में कहा कि मुसीबत की घड़ी में बिहार सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि प्रदेश के बाहर फंसे लोगों का सरकार सहारा बने। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में चिराग ने बताया कि दूसरे राज्यों में फंसे लोगो की स्तिथि बेहद चिंताजनक है और बिना साधन के लोग पैदल घर लौटने को मजबूर हैं। इससे उनकी जांच भी नहीं हो पा रही है जो एक और बड़ा खतरा बन सकता है। चिराग ने पत्र में घर वासपी को तैयार श्रमिकों के पंजीकरण में आ रही समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो नंबर बिहार सरकार ने प्रवासियों के लिए जारी किए थे, उन पर बात नहीं हो पाती है।
उन्होंने कहा कि पंजीकरण की दूसरी ऑनलाइन प्रकिया भी है, लेकिन जिन मजदूरों को ऑनलाइन फॉर्म भरना है उनमें से अनके लोग ऐसे हैं जिनके पास न तो स्मार्टफोन है और न वे शिक्षित हैं। स्थानीय नोडल अफसर के माध्यम से या पुलिस थाने पर पंजीकरण करवाने की प्रक्रिया का जहां तक सवाल है तो उसके लिए प्रवासी श्रमिकों को घर से वहां तक जाने की इजाजत नहीं है।
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चिराग ने कहा कि इन समस्याओं के बावजूद जिन लोगों का पंजीकरण हो गया है उनकी जांच करवाकर ट्रेन या बस के माध्यम उन्हें जल्द घर वापस भेजने की आवश्यकता है। लोजपा की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि श्रमिकों की घर वापसी की सुविधा को लेकर चिराग ने रेलमंत्री पीयूष गोयल से भी बात की है और रेलमंत्री ने आश्वासन दिया है कि जहां भी बिहार सरकार के द्वारा ट्रेन भेजने के लिए कहा जाएगा वहां शीघ्र ट्रेन भेजी जाएगी।


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