पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया ने 23 फरवरी को गांधी मैदान में मूलनिवासी चेतना रैली का आयोजन किया है। भारत देश हजारों जातियों में बंटा हुआ है। यहां हर एक जात में जातीय चेतना प्रबल है। ये जातीय चेतना समाज को क्रमित विभाजन करती है इसलिए भारत देश एक प्रबल राष्ट्र बनने में जातीय पहचान बहुत बड़ी बाधक है। जाति व्यवस्था खत्म करने के लिए जातीय चेतना समाप्त करनी होगी और समाज को एक नई पहचान देनी होगी।
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शूद्र, अतिशूद्र जिस जातीय चेतना के तहत विभाजित है उनका मूलनिवासी पहचान के तहत संगठित करना जरूरी है। क्योंकि वे सही में देश के मूलनिवासी हैं क्योंकि इनकी जनसंख्या देश की कुल आबादी का 90 प्रतिशत है। दुनिया के अन्य देशों के तहत इन्हें सत्ता मे होना चाहिए था लेकिन यह बहुजन समाज पिछले 70 सालों से सत्ता से बाहर है। प्रेसवार्ता को राष्ट्रीय अध्यक्ष बीडी बोरकर एवं पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. केएस चैहान ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।


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