पटना : सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अगले वित्तीय वर्ष से पूरी तरह से ऑनलाइन भू-लगान जमा कराने व लगान की राशि क्रेडिट, डेबिट कार्ड से भी स्वीकार करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने भू अर्जन के प्रत्येक चरण की कार्रवाई व भूधारियों को किए जाने वाले भुगतान को कम्प्यूटराइज्ड करने व भविष्य में भूधारियों को होने वाले भू-मुआवजा के भुगतान को सीएफएमएस प्रणाली से जोड़ने का भी निर्देश दिया।
मोदी ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण दाखिल-खारिज में काफी तेजी आई है। 2017-18 में दाखिल-खारिज के लिए जहां 13.41 लाख याचिकाएं आई थी वहीं 2019-20 में 25.25 लाख याचिकाएं प्राप्त र्हुइं जिसमें से 15 जनवरी 2020 तक 16.25 लाख (करीब 64 प्रतिशत) का निष्पादन किया जा चुका है।
शेष का शीघ्र निष्पादन प्रक्रियाधीन है। इसके साथ ही 3.56 करोड़ जमाबंदी को डिजिटाइज्ड कर बिहार सरकार के वेबसाइट पर उसे प्रकाशित किया जा चुका है। राज्य के सभी अंचलों को ऑनलाइन भू-लगान भुगतान की प्रक्रिया से जोड़े जाने के कारण 2019-20 में 15 जनवरी तक 18.16 लाख भूधारियों ने ऑनलाइन लगान जमा किया जिससे 29.89 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
राज्य के प्रत्येक अंचल में इस साल फरवरी के अंत तक 4-4 डाटा इंट्री ऑपरेटर की सेवा उपलबध करा दी जायेगी ताकि भू-अभिलेखों के कम्प्यूटरीकृत संधारण, दाखिल-खारिज व अन्य कार्यों में तेजी आ सके। समीक्षा बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह, वित्त सचिव राहुल सिंह के अलावा अन्य वरीय विभागीय अधिकारी मौजूद थे।


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