बिहार में भाजपा के कई केंद्रीय मंत्री, बड़े नेता और कार्यकर्ता राजद के 10 लाख नौकरी देने के मुद्दे पर विधानसभा मार्च निकाला है। इस मार्च को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी के प्रवक्ता अभिषेक झा ने नौटंकी बताते हुए हमला बोला और केंद्र सरकार को भी घेरा।
राजनीतिक नौटंकियों को दे रहे हैं बढ़ावा
अभिषेक झा ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि, यह हमारे लिए बहुत ही दुख कि बात है कि बिहार में भाजपा के रूप में एक नकारात्मक विपक्ष है। जिसकी प्राथमिकता ओछी और घटिया राजनीति करना है। सदन जनता के लिए जनता के पैसे से चलता है और जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान सदन में होना चाहिए। भाजपा के लोग सकारात्मक विपक्ष के तौर पर सदन में अपने सवाल उठा सकते थे, लेकिन विधानसभा मार्च के जरिए ये लोग राजनीतिक नौटंकियों को बढ़ावा दे रहे हैं और सड़कों पर लोटपोट कर प्रदर्शन करेंगे।
बिहार भाजपा के नेताओं को चुनौती है कि केंद्र सरकार से बिहार के हक का सवाल पूछें-
- बिहार को विशेष राज्य का दर्जा कब मिलेगा?
- Patna University को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा कब मिलेगा?
- दरभंगा एम्स और पूर्णिया एयरपोर्ट का मामला कब हल होगा?
- बेरोजगारी और महंगाई कब दूर होगी?
- गरीबों के खाते में पैसे कब आएंगे?
जेडीयू ने कहा कि बिहार भाजपा के नेताओं में इतनी हिम्मत नहीं है कि अपने आलाकमान को नाराज कर सकें इसलिए इस तरह की राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं। बिहार की जनता इनके असली चेहरे और चरित्र को पहचान चुकी है और आने वाले चुनाव में इनका सूपड़ा साफ कर देगी।


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