पटना :उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा कि लालू प्रसाद ने 15 साल बिहार पर राज किया। वे पांच साल केंद्र की यूपीए सरकार में कद्दावर मंत्री भी रहे। इसके बावजूद पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा क्यों नहीं दिलवा पाये? विरोधी दल के नेता को जो सवाल बहुत पहले अपने माता-पिता से पूछना चाहिए था, वह सवाल वे राज्य सरकार से क्यों पूछ रहे हैं?
श्री मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद की सोच केवल चरवाहा विद्यालय, लाठी और लालटेन तक थी, इसलिए उन्होंने राज्य को न कोई केंद्रीय विश्वविद्यालय देने की बात सोची, न आइआइटी और न आइआइएम जैसे संस्थान बनाने का कोई प्रयास किया। राजद के जो लोग स्कूली तालीम भी पूरी न कर पाये, वे विश्वविद्यालय की बात कर रहे हैं ।
राजनीतिक द्वेश के कारण राजद को एनडीए सरकार की पहल से बने चाणक्य विधि विश्वविद्यालय, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान और अन्तरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय नहीं दिखायी देते। इन उच्चस्तरीय संस्थानों को विकसित कर बिहार से प्रतिभा और पूंजी का पलायन रोका गया, लेकिन पलायन कराने वालों को ये काम अच्छे कैसे लगेंगे? वे भद्दे पोस्टर लगा कर केवल अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर सकते हैं। हमारी उपलब्धियों का पोस्टर जनता के दिल पर छा चुका है।


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