पटना, (जे.पी. चौधरी) : उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कहा कि जो लोग छात्रों-मजदूरों को वापस लाने के 2000 बस और 50 ट्रेन का किराया देने के लिए थैली दिखा रहे थे, वे बतायें कि श्रमिक स्पेशल से सकुशल लौटे मजदूरों की क्या मदद कर रहे हैं? राज्य सरकार स्टेशन पर भोजन पैकेट और पानी की बोतल देकर मजदूरों को सम्मान के साथ उनके गृह प्रखंड तक पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है। जो लोग केवल सूखा भात दिये जाने का झूठ फैला रहे हैं, उन्हें सिर्फ फूल.-माला नहींए सूखे मेवे के पैकेट भेंट कर मजदूरों का स्वागत करना चाहिए। माल-मिट्टी और बेनामी सम्पत्ति का शतांश भी मजदूरों के काम आ जाएए तो लालू परिवार के राजनीतिक पाप कटेंगे।
श्री मेादी ने कहा कि कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सही वक्त पर लाकडाउन लागू कियाए तो लोगों ने कठिनाइयों के बावजूद इसका पालन भी किया। गृह राज्यों से बाहर फंसे लाखों मजदूरों की घर वापसी की इच्छा और उनकी पीड़ा को देखते हुए प्रधानमंत्री के निर्देश पर सरकार ने फैसला बदला और शारीरिक दूरी का पालन करते हुए एक दर्जन से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेने चलाने की अनुमति भी दी। जब बड़ी संख्या में मजदूर सुरक्षित घर लौटने लगेए तब विपक्ष उनकी मदद करने के बजाय किराया वसूलने का भ्रम फैलाने लगा।


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